गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर विश्‍वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्र राज्यपाल व कुलाधिपति को एक किमी लंबा पत्र लिखेंगे। छात्र उन्हें यह पत्र जनवरी मध्य में गोरखपुर से लखनऊ तक छात्रसंघ लोकतंत्र की जरूरत रैली आयोजित कर सौपेंगे।

यह जानकारी दीनदयाल उपाध्याय विवि के छात्रनेता अनिल दूबे ने दी। वह पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिना सिंचाई के खेती असंभव है, ठीक उसी प्रकार लोकतंत्र का अस्तित्व भी बिना छात्रसंघ के दिवास्वप्न समान है। वर्तमान शासन सत्ताधारी लोगों को एक छात्रसंघ से भय बना हुआ है। छात्रसंघ का विरोध करने का इनके पास कोई वाजिब तर्क नहीं है, फिर भी छात्रसंघ के पक्ष में खड़ा होने से सभी राजनीतिक घराने डर रहे हैं।

सुखद लगी छात्रों की काव्य जगत में दस्तक

उधर, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षा सप्ताह समारोह के अंतर्गत दीक्षा भवन में काव्य संध्या के रूप में काव्यांजलि-3 का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने कवि रूप में अपनी रचनाओं की प्रस्तुति से काव्य जगत में दस्तक सुखद लगी। कार्यक्रम में सद्दाम हुसैन, भीमसेन कसिंह उज्वल, गणेश पाठक, अतुल, संगुफ्ता व संचालक जावेद खान अमन ने अपनी रचनाओं से सबको प्रभावित किया। जाने-माने शायर कलीम कैसर ने उदीयमान कवियों को श्रेष्ठ रचना करने के गुर बताए और अपनी रचना सुनाई। अध्यक्षता कुलपति प्रो.वीके सिंह ने किया। इस दौरान प्रो. हरिशरण, प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, कुलसचिव  डा. ओमप्रकाश, प्रो. ओपी पांडेय, प्रो. मुरली मनोहर पाठक, प्रो. अजय शुक्ला, प्रो. आलोक गोयल, प्रो. अजेय गुप्ता, प्रो. वीना बत्रा, प्रो. परमहंस पाठक, प्रो. मानवेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. गोपाल प्रसाद, डा. मनीष पांडेय, डा. अमित उपाध्याय, डा. लक्ष्मी मिश्रा, डा. के. सुनीता आदि मौजूद रहे।

इन्हें मिले पुरस्कार

कार्यक्रम में बतौर जज मौजूद अरशद खान ने पुरस्कारों की घोषणा की। कुल पांच पुरस्कार दिए गए। पांचवां पुरस्कार सुष्मिता शुक्ला, चतुर्थ पुरस्कार हर्षित मिश्रा नमन, तृतीय पुरस्कार सत्यशील त्रिपाठी, द्वितीय पुरस्कार कु.शगुफ्ता तथा प्रथम पुरस्कार आकृति विज्ञा को दिया गया।

Posted By: Pradeep Srivastava

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