गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई। 22 जनवरी से 211 केंद्रों पर परीक्षाएं होंगी। परीक्षाओं को शुचितापूर्वक संपन्न कराने के लिए आठ फ्लाइंग स्क्वायड और 15 आब्जर्वर तैनात किए गए हैं। जिनका समन्वय अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं कुलसचिव करेंगे। परीक्षा की समाप्ति के बाद एक महीने में परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। प्रथम सेमेस्टर की ग्रेडशीट वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया जाएगा।

बैठक में ल‍िए गए महत्‍वपूर्ण न‍िर्णय

कुलपति प्रो.राजेश सिंह की अध्यक्षता में परीक्षा से संबंधित अधिकारियों की बैठक हुई। परीक्षा के बाद जल्द से जल्द मूल्यांकन करने तथा समय से परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने गोरखपुर के साथ कुशीनगर तथा देवरिया में एक-एक मूल्यांकन केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस परीक्षा में विषयनिष्ठ, व्याख्यात्मक एवं वस्तुनिष्ठ दोनों प्रकार के प्रश्न होंगें।

मूल्यांकन केंद्र व समन्वयक तैनात

विश्वविद्यालय कैंपस में तीन मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। प्रो. सुषमा पांडेय, प्रो.श्रीनिवास मणि त्रिपाठी तथा प्रो.हिमांशु पांडेय को सेंटर का समन्वयक बनाया गया है। कुशीनगर में बुद्धा पीजी कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है तथा कालेज के प्राचार्य को केंद्राध्यक्ष (मूल्यांकन) तथा प्रो. अजय शुक्ला को समन्वयक बनाया गया है। वहीं देवरिया में बीआरडी पीजी कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है तथा कालेज के प्राचार्य को केंद्राध्यक्ष (मूल्यांकन) और प्रो.राजेश सिंह को समन्वयक बनाया गया है।

गोरखपुर भेजी जाएंगी वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की उत्तर पुस्तिकाएं

इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों से उत्तर पुस्तिकाओं को एकत्रित करने के लिए आठ नोडल कलेक्शन सेन्टर बनाए हैं, जिसमें चार गोरखपुर, दो देवरिया तथा दो कुशीनगर में स्थापित किए गए हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की उत्तर पुस्तिकाएं सीधे गोरखपुर भेज दी जाएगी तथा व्याख्यात्मक प्रश्नों की उत्तर पुस्तिकाओं को नए बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों पर भेज दिया जाएगा। सभी शिक्षकों से कहा गया है कि आंतरिक मूल्यांकन, प्रैक्टिकल का स्कोर 28 फरवरी तक मेल कर दें या विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर बनाए गए पेज पर अपलोड कर दें।

Edited By: Pradeep Srivastava