गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्री-पीएचडी वर्ष 2019-20 की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित उच्च अधिकारियों एवं परीक्षा से जुड़े अधिकारियों की बैठक के बाद परीक्षा नियंत्रक ने परिणाम जारी किया। बैठक में चर्चा हुई कि जो परिणाम बनाया गया है वो विश्वविद्यालय के अध्यादेश और परीक्षा समिति के निर्णयों के कम में तैयार हुआ है। रिसर्च मैथोडोलाजी की परीक्षा में 782 विद्यार्थी शामिल हुए, 746 अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। ऐसे ही कंप्यूटर एप्लीकेशन की परीक्षा में 785 विद्यार्थी सम्मिलित हुए, 783 परीक्षा में सफल हुए हैं। जो अभ्यर्थी परीक्षा में उत्तीर्णाक हासिल नहीं कर सके हैं। उन्हें अगली बार परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएग।

कुछ का पर‍िणाम रोका गया

जो विद्यार्थी रिसर्च मैथोडोलाजी में अनुत्तीर्ण हुए है वो रिसर्च मैथोडोलाजी और जो कंप्यूटर एप्लीकेशन में अनुत्तीर्ण हुए है वो कंप्यूटर एप्लीकेशन की परीक्षा में शामिल होंगे। परिणाम बहुविकल्पीय और व्याख्यात्मक विषयों की कापियों के मूल्यांकन और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर तैयार किया गया है। जिन विद्यार्थियों का परिणाम रोका गया है, उनमें से कुछ विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन का नंबर विश्वविद्यालय को प्राप्त नहीं है। कुछ विद्यार्थियों ने समन्वयक को सीधे मेल भेजी थी। उनके नाम, अनुक्रमांक, पंजीकरण नामांकन संख्या, फीस ना जमा होने में स्पष्टता नहीं थी। यह परिणाम शर्तो के अधीन है और सभी विद्यार्थियों से यह आशा की जाती है कि आठ जनवरी 2022 को आयोजित परीक्षा समिति के मानकों के आधार पर सभी प्रपत्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में जमा करा दें।

तीन सप्ताह के अंदर जारी होंगे रोके गए सारे र‍िजल्‍ट

जिन विद्यार्थियों का परिणाम विद हेल्ड है उनसे तीन सप्ताह के अंदर सारे प्रपत्र और असाइनमेंट प्राप्त करके परिणाम घोषित किया जाएगा। जिन विद्यार्थियों का परिणाम घोषित हुआ या जिनका परिणाम अभी लंबित है उनका जनवरी-फरवरी में सत्र 2021-22 के सेमेस्टर में पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। उनको विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिया फार्म डाउनलोड कर जो सूचना कुलसचिव या परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से मांगी गई जैसे नाम, पिता का नाम प्रवेश की तिथि, नामांकन संख्या प्रवेश की अधिसूचना, विभागीय शोध समिति की संस्तुति के साथ शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा कि उन्होंने इस पढ़ाई के दौरान कोई नौकरी नहीं की या अन्य पाठ्यक्रम में नामांकन नहीं लिया। इन प्रपत्रों का सत्यापन एक कमेटी के द्वारा किया जाएगा।

निष्कासित विद्यार्थियों को जांच समिति के सामने पक्ष रखने का मौका

रिसर्च मैथोडोलाजी की परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिकाएं फाड़ने की वजह से निष्कासित किए गए 18 विद्यार्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया गया है। उन्हें 21 दिन में जांच समिति के समक्ष पक्ष रखने का मौका विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिया है। अगर जांच समिति ने विद्यार्थियों का पक्ष सही पाया तो उनका निष्कासन वापस लेकर दोबारा परीक्षा आयोजित करने के साथ परिणाम घोषित करेगा।

Edited By: Pradeep Srivastava