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वैश्विक मानचित्र पर उभरा गोरखपुर विश्वविद्यालय, विदेश से आए 90 आवेदन

Published: Sun, 05 Jul 2026 02:04 PM (IST)

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है, जहां 90 विदेशी छात्रों ने प्रवेश के लिए ...और पढ़ें

गोरखपुर विश्वविद्यालय। जागरण

गोरखपुर विश्वविद्यालय। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर विश्वविद्यालय में 90 विदेशी छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया।

  2. बांग्लादेश, नेपाल, यूएई, कोलंबिया, सूडान से छात्रों ने रुचि दिखाई।

  3. यूपी का पहला अंतरराष्ट्रीय ड्यूल डिग्री एमबीए कार्यक्रम विश्वविद्यालय ने शुरू किया।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय अब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करता दिख रहा है। विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि ने यह संकेत दिया है कि पूर्वांचल का यह शिक्षण संस्थान वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

विभिन्न देशों से मिले आवेदन विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का प्रमाण माने जा रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार कुल 90 विदेशी विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। इनमें 32 आवेदन विश्वविद्यालय के अपने पोर्टल के माध्यम से और 58 आवेदन भारत सरकार के ‘स्टडी इन इंडिया’ पोर्टल से प्राप्त हुए हैं।

प्राप्त आवेदनों में सर्वाधिक 51 आवेदन बांग्लादेश से आए हैं, जबकि नेपाल से 31 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसके अतिरिक्त संयुक्त अरब अमीरात से पांच आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं कोलंबिया, दक्षिण अफ्रीका और सूडान से भी एक-एक विद्यार्थी ने विश्वविद्यालय में अध्ययन की इच्छा जताई है। विदेशी विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि, माइक्रोबायोलाजी और शोध कार्यक्रमों सहित अनेक पाठ्यक्रमों में रुचि दिखाई है।

स्नातक व स्नातकोत्तर दोनों स्तरों पर आवेदन प्राप्त होना यह संदेश है कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक विविधता और शोध संभावनाएं अब वैश्विक विद्यार्थियों को आकर्षित कर रही हैं। विश्वविद्यालय का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शोध, समयबद्ध परीक्षा व परिणाम, छात्र-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण ने विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता को मजबूत किया है।

इसके अलावा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अंतरराष्ट्रीयकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का भी सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है। परिसर में विभिन्न देशों के विद्यार्थियों की मौजूदगी विश्वविद्यालय परिसर में बहुसांस्कृतिक शैक्षणिक वातावरण को और समृद्ध करेगी और स्थानीय विद्यार्थियों को भी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक संस्कृति से जुड़ने का अवसर देगी।

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प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय ड्यूल डिग्री एमबीए कार्यक्रम शुरू
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने वैश्विक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तर प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय ड्यूल डिग्री एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी प्रथम वर्ष की पढ़ाई डीडीयू विश्वविद्यालय में तथा द्वितीय वर्ष की पढ़ाई मैनेजमेंट एंड साइंस यूनिवर्सिटी (एमएसयू), मलेशिया में करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पहल विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव, वैश्विक दृष्टिकोण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी।

शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसा उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र बनना है, जहां स्थानीय ज्ञान और वैश्विक विशेषज्ञता का समन्वय हो। गुणवत्तापूर्ण शोध, छात्र-केंद्रित शिक्षण व्यवस्था और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण हमारी वैश्विक पहचान के प्रमुख आधार हैं।

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-प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, दीदउ गोरखपुर विश्वविद्यालय