गोरखपुर, जागरण संवाददाता। बस्ती मंडल की एक जेल में बंद गोरखपुर जिले का टॉप- 10 रहा बदमाश जालसाजी करके छूट गया है। गोपनीय शिकायत के बाद जिले की पुलिस व एलआइयू ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। महकमे में इस बात को लेकर हड़कंप है कि यह कैसे हो गया।

ये है पूरा मामला: गोरखपुर जिला कारागार में निरुद्ध रहे टॉप- 10 बदमाश के गुटबाजी करने पर जेल प्रशासन ने उसे दूसरी जेल में शिफ्ट करने की सिफारिश शासन से की थी। जिसके बाद शासन के निर्देश पर बदमाश को बस्ती मंडल की एक जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। वहां पर भी बदमाश की गतिविधि संदिग्ध रही। 

एक सप्ताह पहले पुलिस को मिली थी गोपनीय शिकायत: एक सप्ताह पहले गोरखपुर पुलिस को एक गोपनीय शिकायत मिली कि जिले के टॉप 10 की सूची में शामिल बदमाश मई के दूसरे सप्ताह में बस्ती मंडल के जेल से छूट गया है। बदमाश ने उम्र अधिक होने का हवाला देकर अनुकंपा पर रिहा करने की अर्जी दी थी। इसी आधार पर वह छूटा है। 

सक्रिय हुई पुलिस व एलआइयू: गोपनीय शिकायत के जरिये मामला संज्ञान में आते ही सक्रिय हुई गोरखपुर जिले की पुलिस व एलआइयू ने छानबीन शुरू कर दी है। जिले के एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि गोपनीय शिकायत की जांच कराई जा रही है। बदमाश ने जालसाजी की है या नहीं जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

टॉप- 10 में होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई: पांच साल तक गोरखपुर जिले के टॉप- 10 की सूची में नाम रहने के बाद भी बदमाश व उसके साथियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रशासनिक आधार पर उसे गोरखपुर जेल से दूसरी जेल में भेज दिया गया। उधर, बदमाश के जेल से बाहर आने की खबर मिलने के बाद उसके निशाने पर रहे लोग भयभीत हो गए हैं।

Edited By: Pragati Chand