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ओडीओपी योजना से गोरखपुर के टेराकोटा शिल्प को मिली वैश्विक पहचान, राजन प्रजापति बने सफल उद्यमी

Published: Thu, 20 Aug 2026 05:22 PM (IST)

गोरखपुर के टेराकोटा शिल्पकार राजन प्रजापति ने ओडीओपी योजना के तहत अपनी पारंपरिक कला को आधुनिक उद्योग में बदला, जिससे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. राजन प्रजापति ने ओडीओपी से टेराकोटा को उद्योग में बदला।

  2. डेढ़ करोड़ वार्षिक कारोबार, 25 से अधिक कारीगरों को रोजगार।

  3. जीआई टैग से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी मांग।

डिजिटल टीम, लखनऊ/गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' और स्थानीय कला को वैश्विक मंच देने के संकल्प को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'एक जनपद एक उत्पाद' (ODOP) योजना नई पहचान दे रही है। इसका एक सशक्त उदाहरण गोरखपुर के औरंगाबाद (लंगड़ी गुलरिहा) निवासी और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित टेराकोटा शिल्पकार राजन प्रजापति हैं, जिन्होंने अपनी पारंपरिक कला को आधुनिक उद्योग में बदलकर सफलता की नई इबारत लिखी है।

कभी संसाधनों और सीमित आय के लिए संघर्ष करने वाले राजन प्रजापति आज लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार करने वाले सफल उद्यमी बन चुके हैं। उनकी कार्यशाला में 25 से अधिक स्थानीय कारीगरों को नियमित रोजगार मिल रहा है।

ओडीओपी योजना और जीआई टैग से बदला कारोबार का दायरा

राजन प्रजापति की इस सफलता के पीछे राज्य सरकार की नीतियां और तकनीकी सहयोग प्रमुख आधार बने हैं। ओडीओपी योजना के तहत इलेक्ट्रिक चाक, आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिलने से उत्पादन क्षमता और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ। गोरखपुर के टेराकोटा शिल्प को जीआई टैग मिलने से इसकी मांग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से बढ़ी है। त्यौहारों और त्योहारी सीजन के दौरान उनकी विनिर्माण इकाई से देश के विभिन्न राज्यों में 18 से 24 ट्रक टेराकोटा उत्पाद भेजे जाते हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा और प्रशिक्षण केंद्र बनी कार्यशाला

राजन प्रजापति की कार्यशाला अब केवल एक विनिर्माण इकाई नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी काम कर रही है। यहाँ स्थानीय युवाओं को टेराकोटा शिल्प की बारीकियां सिखाई जाती हैं, जिससे यह पारंपरिक कला सुरक्षित हो रही है और युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' का विजन स्थानीय कारीगरों, पारंपरिक उत्पादों और युवा उद्यमियों को सशक्त बनाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।