गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर शहर में घूम रहे बाइक सवार बदमाशों के निशाने पर सराफा कारोबारी हैं। पिछले छह दिन के भीतर गोरखनाथ व शाहपुर इलाके में झोला लेकर भागने और कोशिश करने की चार वारदात हो चुकी है। सीसी कैमरे में बदमाशों की तस्वीर कैद होने के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर है। लगातार हो रही वारदात से सराफा कारोबारी दहशत में है।

लगातार हो रही हैं घटनाएं

पांच अप्रैल को बाइक सवार बदमाशों ने गोरखनाथ के हुमायूंपुर निवासी 75 वर्षीय सर्राफ मुन्नी लाल का झोला छीनने का प्रयास किया। असफल होने पर धक्का देकर गिरा दिया जिसमें उनका दायां हाथ फैक्चर हो गया।दो अप्रैल को शाहपुर के रेल विहार कालोनी में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले राप्तीनगर फेज चार निवासी धनंजय मौर्य का दुकान में रखा बैग लेकर फरार हो गए थे। बैग में लैपटाप, 30 हजार रुपये कीमत के गहने व 10 हजार रुपये नकद था।एक अप्रैल को गोरखनाथ के 10 नंबर बोरिंग के पास ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले कोतवाली के नखास चौक निवासी राकेश वर्मा की बाइक पंचर कर बदमाश हैंडिल में टंगा झोला लेकर फरार हो गए। झोल में 67 हजार नकदी व जेवरात थे।

एडीजी जोन अखिल कुमार ने बताया कि सराफा कारोबारियों से लगातार हो रही वारदात को देखते हुए जोन के सभी एसएसपी/ एसपी को बाजार में सघन जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। व्यापारियों के साथ बैठक कर सीसी कैमरा लगवाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सर्राफा कारोबारियों से अपील की जाएगी कि ज्यादा मात्रा में गहने लेकर साथ न चले।जरूरत पडऩे पर नजदीकी पुलिस स्टेशन, चौकी या पिकेट पर जाकर पुलिकर्मियों को दें। सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।

चोरी की छह घटनाओं का पर्दाफाश, सर्राफ समेत पांच गिरफ्तार

शाहपुर पुलिस ने चोरी का सामान खरीदने वाले सर्राफ समेत चोरी करने वाले गिरोह के पांच लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से दो बाइक, दो मोबाइल फोन, भारी मात्रा मेंं गहने बरामद हुए। पूछताछ में चोरी की छह घटनाओं का पर्दाफाश हुआ। चोरी का सामान खरीदने वाले एक अन्य सर्राफ की तलाश चल रही है।

एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि शाहपुर थानेदार को सूचना मिली कि जेल रोड के पास चोरी करने वाले गिरोह के पांच बदमाश मौजूद है। चौकी प्रभारी पादरी बाजार दीपक सिंह, चौकी प्रभारी कौवाबाग राजेंद्र सिंह की मदद से घेराबंदी कर थानेदार ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपितों की पहचान कुशीनगर, अहिरौली के मुंडेरा बाबू निवासी संदीप सिंह, हरपुर बुदहट के कटसहरा निवासी सहबाज, शाहपुर के मोहनापुर निवासी प्रशांत साहनी उर्फ प्रेम, गुलरिहा के सेमरा नंबर दो निवासी रवि कुमार तथा कुशीनगर के कसया मल्लूडीह निवासी अरविंद वर्मा के रूप में हुई।

पुलिस के अनुसार अरविंद वर्मा सराफा कारोबारी है। वह वर्तमान में राजघाट के घंटाघर में रहता है। वहीं संदीप गिरोह का सरगना है। संदीप व उसके गिरोह के लोग चोरी के आभूषण को अरविंद वर्मा को बेचते हैं। अरविंद ने पुलिस को बताया कि चोरी के आभूषण को गलाकर बनाए हुुए नए आभूषण को वह घंटाघर के गोपी गली गहना मार्केट के एक सर्राफ को बेचता है।