गोरखपुर, जागरण संवाददाता। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में प्रस्तावित महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क को देश के सर्वश्रेष्ठ विज्ञान पार्क के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार शासन के निर्देश पर कार्यदायी संस्था जीडीए ने इसके लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाई है। दोनों विभाग की संयुक्त टीम देश के महत्वपूर्ण अहमदाबाद और कोलकाता के विज्ञान पार्क का अध्ययन करेगी और उसके बाद उनकी खूबियों को शामिल करते हुए गोरखपुर के विज्ञान पार्क का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करेंगे।

अध्ययन के लिए अहमदाबाद जा रही जीडीए की टीम

टीम 26 नवंबर को पहले अहमदाबाद का विज्ञान पार्क देखने के लिए रवाना हो रही है। जीडीए के प्रभारी मुख्य अभियंता किशन सिंह के नेतृत्व वाली इस टीम में नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय और जयपुर के विषय विशेषज्ञ पवन पारिख शामिल हैं। कोलकाता के विज्ञान पार्क की खूबियों का अध्ययन पहले अभिलेखों, चित्रों और वीडियों के जरिये की जाएगी। जरूरत पड़ी तो यह टीम कोलकाता भी जाएगी। डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी जीडीए ने पवन पारिख की कंपनी चंद्रा इवेंट एंड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। कंपनी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव को आधार बनाकर डीपीआर तैयार करेगी। इसमें अहमदाबाद व कोलकाता के विज्ञान पार्क की खूबियों को शामिल करेगी।

10 करोड़ का बना है प्राथमिक प्रस्ताव

25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण देखने नक्षत्रशाला पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नक्षत्रशाला प्रशासन ने विज्ञान पार्क का प्रस्ताव शासन में लंबित होने की जानकारी दी। संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने नए सिरे प्रस्ताव भेजने का निर्देश जिलाधिकारी को दिया। जिलाधिकारी ने नक्षत्रशाला प्रशासन से प्राथमिक प्रस्ताव तैयार कराकर डीपीआर बनवाने की जिम्मेदारी जीडीए को सौंपी। नक्षत्रशाला प्रशासन ने 10 करोड़ का प्रस्ताव बनाया है।है। प्रस्ताव के मुताबिक नक्षत्रशाला परिसर में एक एकड़ क्षेत्र में विज्ञान पार्क बनेगा। यह पार्क दो भाग में बंटा होगा- आउटडोर और इनडोर। आउटडोर पार्क में ग्रेविटी चेयर, रूलिंग डिस्क, इको ट्यूब, वर्ल्ड क्लाक, म्यूजिकल बाक्स, रिवाल्विंग पेरीस्कोप, रेडियो टेलिस्कोप, डीएनए माडल, सिंपेथेटिक स्विंग, पेंडुलम जैसे तीन दर्जन से अधिक वैज्ञानिक उपकरण खिलौने के रूप होंगे। इनडोर पार्क के तहत आठ हजार वर्गफीट में गैलरी बनाए जाएगी, जिसमें दो दर्जन उपकरणों के जरिये अंतरिक्ष विज्ञान की प्राचीन से लेकर अद्यतन जानकारी मिलेगी।

पूरी कोशिश है कि गोरखपुर के विज्ञान पार्क की गिनती देश के सर्वश्रेष्ठ विज्ञान पार्कों में हो। खेल-खेल में विज्ञान की जानकारी देने वाले हर उपकरण पार्क में उपलब्ध हों। इसके लिए अध्ययन की प्रक्रिया चल रही है। - महादेव पांडेय, वैज्ञानिक अधिकारी, वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला।

डीपीआर बनवाने से पहले हर उस पहलू पर विचार किया जाएगा, जिससे विज्ञान पार्क अति समृद्ध हो सके। इसी क्रम में अहमदाबाद विज्ञान पार्क का भ्रमण करने जीडीए टीम जा रही है। टीम में विशेषज्ञ को भी शामिल किया गया है। - किशन सिंह, प्रभारी मुख्य अभियंता, जीडीए।

Edited By: Pradeep Srivastava

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