गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर जिले के गगहा क्षेत्र में तिहरे हत्याकांड के आरोपित सन्नी सिंह पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) को स्टे एडवाइजरी बोर्ड से मंजूरी मिल गई है। जिला प्रशासन व पुलिस टीम द्वारा सन्नी को बोर्ड के समक्ष बुधवार यानी आज पेश किया जाएगा। पेशी के बाद रासुका को अंतिम मंजूरी भी मिल जाएगी।

वर्ष 2013 में गगहा क्षेत्र में रस्सी खरीदने के विवाद में सन्नी सिंह ने अपने भाई टीका सिंह, साथी सिंहासन, अजय नारायण के साथ मिलकर दुर्वासा गुप्ता, उनकी पत्नी और पुत्र बाबूलाल की हत्या कर दी थी। इस घटना में तीन लोग घायल भी हुए थे। इस मामले में पुलिस ने सन्नी सिंह पर रासुका लगाने की संस्तुति की थी। पुलिस की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने रासुका को मंजूरी दी थी।

सन्नी पर दर्ज हैं एक दर्जन मामले: सन्नी सिंह पर एक दर्जन मामले दर्ज हैं। गगहा थाने में हत्या की कोशिश, धमकी, बलवा, आर्म्स एक्ट, सेवेन सीएलए, हत्या, धमकी देने आदि मामलों में मुकदमा दर्ज है।

महिला ने जालसाजी कर वसीयत करा ली जमीन, मुकदमा : कूटरचित दस्तावेज के जरिए महिला ने एक व्यक्ति की पुस्तैनी जमीन वसीयत करा ली।कोर्ट के आदेश पर गुलरिहा पुलिस ने आरोपित महिला के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का मुकदमा दर्ज किया है।

जंगल एकला नम्बर दो निवासिनी कुसुम देवी ने एसीजेएम द्वितीय न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसके पिता रामसूरत की मौत वर्ष 2013 में हो चुकी है।माह जनवरी 2020 में मां चम्पा देवी का भी निधन हो गया।लंगड़ी गुलरिहा निवासी कमला देवी ने परिवार रजिस्टर में पिता के स्थान पर अपने पति का नाम दर्ज कराते हुए उसकी पुस्तैनी जमीन वसीयत करा ली । जबकि जालसाज कमला देवी के पति रामसजीवन की मृत्यु 45 वर्ष पहले हो चुकी है।जानकारी होने पर स्थानीय पुलिस से उसने शिकायत की लेकिन काेई कार्रवाई नहीं हुई।

Edited By: Pragati Chand