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गोरखपुर में पहले संस्थान फिर आम आदमी को मिलेगा नगर निगम का बांड, गोलघर मल्टीस्टोरी कांप्लेक्स में बनेंगे फ्लैट

Published: Wed, 08 Jul 2026 12:59 PM (IST)

गोरखपुर नगर निगम 80 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड जारी करेगा, जिसमें पहले बैंक व वित्तीय संस्थान निवेश करेंगे, बाद ...और पढ़ें

गोलघर में बनने वाली मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की डिजाइन। जागरण

गोलघर में बनने वाली मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की डिजाइन। जागरण

HighLights

  1. बांड में पहले संस्थागत निवेशक, फिर आम लोग कर सकेंगे निवेश।

  2. 80 करोड़ रुपये से गोलघर में मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स बनेगा।

  3. निगम को परियोजना से हर महीने 18.73 करोड़ आय की उम्मीद।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अगर आपको ऐसा लगता है कि आप भी नगर निगम का बांड लेकर शहर के विकास और निवेश में हिस्सेदार बन सकते हैं तो आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। नगर निगम अभी जो बांड जारी करेगा वह सीधे आम नागरिकों के लिए नहीं होगा।

शुरुआती चरण में बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड, वित्तीय संस्थान और अन्य बड़े निवेशक जैसे संस्थागत निवेशक ही इसमें निवेश कर सकते हैं। हालांकि, बाद में जब यह बांड सेकेंडरी मार्केट में आएगा, तब सामान्य व्यक्ति भी इसे खरीद सकता है।

नगर निगम गोरखपुर के 80 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बांड को प्रदेश सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अब इसकी औपचारिक प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके साथ ही लोगों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर यह बांड क्या है, इसमें कौन निवेश कर सकता है और शहर के आम नागरिकों को इससे क्या लाभ मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि म्युनिसिपल बांड सामान्य शेयर बाजार में सूचीबद्ध शेयरों की तरह सीधे आम लोगों को जारी नहीं किया जाता। इसकी शुरुआती खरीदारी केवल संस्थागत निवेशकों द्वारा की जाती है। इनमें बैंक, बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड, वित्तीय संस्थान और अन्य बड़े निवेशक शामिल होते हैं। नगर निगम के म्युनिसिपल बांड के तीन महीने में जारी हो जाने की संभावना है।

गोलघर मल्टीस्टोरी कांप्लेक्स में बनेंगे फ्लैट, कर सकेंगे खरीदारी
दरअसल, नगर निगम इस बांड के जरिए जुटाई जाने वाली 80 करोड़ रुपये की राशि का उपयोग गोलघर में प्रस्तावित मल्टी स्टोरी कमर्शियल एवं रेजिडेंशियल कांप्लेक्स का निर्माण करेगा। भूमि समेत कुल 314 करोड़ रुपये की इस गोलघर अर्बन रिन्यूअल एंड सिटी ग्रोथ हब परियोजना के तहत नगर निगम गोलघर में 211 करोड़ की लागत से 17 मंजिला आधुनिक बहुमंजिला कांप्लेक्स का निर्माण करेगा, जिसमें दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ आवासीय फ्लैट भी बनाए जाएंगे।

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गोलघर में बनने वाली मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की डिजाइन। जागरण


 

ये फ्लैट 9वीं से 15वीं मंजिल तक कुल 1,45,887 वर्ग फीट एरिया में बनाए जाएंगे। इसमें 80 से 100 फ्लैट बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि फ्लैटों की कीमत बाजार दर और परियोजना की लागत को ध्यान में रखकर तय की जाएगी। इसके लिए अलग से समिति गठित की जाएगी, जो लागत, बांड पर देय ब्याज और बाजार मूल्य का अध्ययन कर अंतिम दर तय करेगी।

निजी भागीदारी माध्यम से भी नगर निगम जुटाएगा धन
परियोजना के वित्तीय ढांचे में 80 करोड़ के म्युनिसिपल बांड के अलावा कई अन्य स्रोतों से भी धन जुटाया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से अर्बन चैलेंज फंड के तहत 52.75 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं 78.24 करोड़ रुपये निजी भागीदारी (पीपीपी माडल) के माध्यम से जुटाए जाएंगे।

गोलघर जैसे व्यावसायिक स्थान पर इस परियोजना के निर्माण की वजह से यह नगर निगम के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है। इससे निगम को हरेक महीने 18.73 करोड़ रुपये आमदनी की संभावना है। 10 वर्ष की अवधि के दौरान के इस म्युनिसिपल बांड के लिए जहां नगर निगम को करीब 46 रुपये अदा करने पड़ेंगे। वहीं, इस दौरान निगम को करीब 500 करोड़ रुपये आय की संभावना जताई जा रही है।

दो से तीन महीने में जारी हो जाएगा बांड
नगर निगम ने बांड जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी है। इसके लिए दो मर्चेंट बैंकर मेसर्स एके कैपिटल व मेसर्स टिप्सन कंसल्टेंसी सर्विसेज की नियुक्ति की जा चुकी है। अब रेटिंग एजेंसी शहर पहुंचकर नगर निगम की वित्तीय स्थिति और परियोजना का मूल्यांकन करेगी। रेटिंग मिलने के बाद बांड जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचेगी।

नगर निगम के लेखाधिकारी के अलावा विशेषज्ञ कंसल्टेंट का कहना है कि 2 से 3 महीने में बांड जारी करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद टेंडर जारी किए जाएंगे और निर्माण एजेंसी का चयन होगा। अनुमान है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग एक से डेढ़ वर्ष में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

म्युनिसिपल बांड ऐसा ऋण पत्र होता है जिसे नगर निगम या शहरी निकाय विकास परियोजनाओं के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से जारी करते हैं। निवेशक इसमें पैसा लगाते हैं और तय अवधि तक ब्याज प्राप्त करते हैं। अवधि पूरी होने पर मूल राशि वापस कर दी जाती है। मर्चेंट बैंकर्स ऐसे बैंक और निवेशकों की तलाश करेंगे जो कम ब्याज दर पर नगर निगम को 80 करोड़ रुपये उपलब्ध करा सकें। प्राथमिक निवेशक संस्थागत होंगे, जबकि सेकेंडरी मार्केट में सूचीबद्ध होने के बाद आम निवेशक भी इसकी खरीद-बिक्री कर सकेंगे। -सौरभ अग्रवाल, कंसल्टेंट चार्टर्ड अकाउंटेंट

बांड जारी होने की पूरी प्रक्रिया अगले दो से तीन महीने में पूरी होने की संभावना है। नगर निगम ने दो मर्चेंट बैंकर्स की नियुक्ति कर दी है। एक-दो दिन में रेटिंग एजेंसी शहर पहुंचेगी और रेटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी। रेटिंग जितनी अच्छी होगी नगर निगम को उतने कम ब्याज दर पर लोन मिलेगा। बैंक द्वारा लोन मिल जाने के बाद नगर निगम की ओर से गोलघर परियोजना के निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा। -नागेंद्र सिंह, लेखाधिकारी, नगर निगम

गोलघर जैसे इलाके में होने की इस परियोजना के काफी फायदेमंद रहने की संभावना है। यह नगर निगम की नियमित आय का काफी बेहतर स्रोत साबित होगा। परियोजना के तहत बनने वाली इमारत में आवासीय फ्लैट भी विकसित किए जाएंगे, जिनकी बिक्री की जाएगी। फ्लैटों की कीमत परियोजना की लागत, म्युनिसिपल बांड पर देय ब्याज और बाजार दर को ध्यान में रखते हुए तय होगी। इसके लिए अलग से एक समिति गठित की जाएगी, जो अंतिम मूल्य निर्धारण करेगी। -अजय जैन, नगर आयुक्त

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गोलघर मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की 17वीं मंजिल पर उठा सकेंगे रेस्टोरेंट का आनंद
नगर निगम की ओर से गोलघर इलाके में बनने वाली बिल्डिंग के सबसे ऊपरी मंजिल पर बनने वाले रेस्टोरेंट का आनंद उठा सकेंगे। वहीं, 9वीं से 15वीं मंजिल पर फ्लैट बनाए जाएंगे। जिसे खरीदा जा सकेगा। इसके अलावा, इस बिल्डिंग के पास अलग से फूड कोर्ट के अलावा तीन मंजिल अंडरग्राउंड पार्किंग भी बनेगी।

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