गोरखपुर में मिनी ऑडिटोरियम और पांडेयहाता कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू, दिसंबर 2027 तक होगा पूरा
गोरखपुर में शास्त्री चौराहा पर मिनी ऑडिटोरियम और पांडेयहाता में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण शुरू हो गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
शास्त्री चौराहा पर आधुनिक मिनी ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य शुरू।
पांडेयहाता में 62 दुकानों वाला पांच मंजिला कॉम्प्लेक्स बनेगा।
दोनों परियोजनाएं दिसंबर 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। शास्त्री चौराहा के पास नगर निगम परिसर में मिनी आडिटोरियम और पांडेयहाता में कमर्शियल कांप्लेक्स का निर्माण शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने दोनों परियोजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।
नगर निगम ने दोनों परियोजनाओं को अगले वर्ष दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। करीब 59.77 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इन परियोजनाओं से नगर निगम को नई सुविधाओं के साथ अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिलेगा।
शास्त्री चौराहा के पास बनने वाला मिनी आडिटोरियम आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें सरकारी कार्यक्रमों, बैठकों, सांस्कृतिक आयोजनों और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नगर निगम के महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए बाहरी स्थानों पर निर्भरता कम होगी।
वहीं, पांडेयहाता में बनने वाला कमर्शियल कांप्लेक्स क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों को नया विस्तार देगा। खास बात यह है कि विरासत गलियारा निर्माण के दौरान विस्थापित हुए दुकानदारों को इस कांप्लेक्स में जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लंबे समय से दुकान के लिए इंतजार कर रहे विस्थापित दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा।
पांडेयहाता का प्रस्तावित कमर्शियल कांप्लेक्स बेसमेंट समेत कुल पांच मंजिला होगा। चार मंजिलों पर 62 दुकानों का निर्माण किया जाएगा। बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था होगी। इसमें 65 दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा विकसित की जाएगी।
सीएंडडीएस के अभियंता ओपी यादव ने बताया कि दिसंबर 2027 तक दोनों परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर जोर है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद संबंधित स्थल पर गतिविधियां बढ़ गई हैं और आने वाले दिनों में परियोजनाओं का ढांचा आकार लेने लगेगा।
अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों परियोजनाएं से न सिर्फ शहर को नई पहचान मिलेगी बल्कि नगर निगम को आय को बेहतर स्रोत मिलेगा।
