गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 18 लाख रुपये के साथ बिहार का व्यापारी गिरफ्तार, हवाला नेटवर्क से जुड़े होने का शक
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 18 लाख रुपये नकद के साथ बिहार के एक व्यापारी संजय कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया।

रेलवे स्टेशन पर 18 लाख रुपये के साथ बिहार का व्यापारी गिरफ्तार।
HighLights
गोरखपुर स्टेशन पर 18 लाख रुपये नकद के साथ व्यापारी गिरफ्तार।
संजय कुमार गुप्ता बिहार ले जा रहा था बिना कागजात रकम।
जीआरपी और खुफिया एजेंसियां हवाला नेटवर्क की कर रही जांच।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर बैग में 18 लाख रुपये लेकर बिहार जा रहे व्यापारी को जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने शुक्रवार की रात चेकिंग में गिरफ्तार किया। पूर्वी चंपारण के आदापुर क्षेत्र का रहने वाला संजय कुमार गुप्ता रकम के संबंध में कोई वैध कागजात नहीं दिखा सका।
पूछताछ में उसने बैंक रोड पर रहने वाले व्यापारी सतीश उपाध्याय से रकम लेने और बिहार ले जाने की बात बताई। जांच में पता चला कि रक्सौल बार्डर क्षेत्र में व्यापारी की दुकान है। जीआरपी के साथ ही खुफिया एजेंसी मामला हवाला नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका को ध्यान में रखकर जांच कर रही हैं।
शुक्रवार की शाम सात बजे जीआरपी और आरपीएफ की टीम गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान करीब 40 वर्षीय संजय कुमार गुप्ता पर नजर पड़ी। उसके बैग की तलाशी ली गई तो नोटों की गड्डियां मिलीं।
गिनती करने पर उसमें 18 लाख रुपये नकद मिले। संजय को हिरासत में लेकर जीआरपी थाने लाया गया और रकम कब्जे में ले ली गई। जीआरपी थाना प्रभारी अनुज सिंह ने बरामदगी की सूचना अधिकारियों के साथ ही आयकर विभाग के उपनिदेशक (जांच), यूनिट गोरखपुर को दी।
पूछताछ में संजय ने बताया कि बैंक रोड स्थित अग्रसेन तिराहे के पास उसे सतीश उपाध्याय से 18 लाख रुपये मिले थे। वह रकम लेकर बिहार जा रहा था। जांच के दौरान पता चला कि संजय की नेपाल के रक्सौल बार्डर क्षेत्र में दुकान है।
इसके बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गोरखपुर से उसे रकम किस उद्देश्य से दी गई थी और बिहार में वह इसे किसे देने वाला था। रकम देने वाले सतीश उपाध्याय की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस दोनों के बीच संपर्क और लेनदेन की कड़ियां जोड़ रही है।
पुलिस इस पूरे मामले को संभावित हवाला नेटवर्क से जोड़कर भी देख रही है। आयकर विभाग समेत संबंधित एजेंसियों को सूचना दिए जाने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। एजेंसियां रकम के स्रोत और उसके संभावित गंतव्य की जानकारी जुटा रही हैं।
जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि बरामद हुई रकम को मालखाने में रखा है। व्यापारी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। आयकर विभाग की टीम मामले की जांच कर रही है।
एजेंसियां सक्रिय हुईं तो बदला रास्ता
जांच एजेंसियों के सामने यह तथ्य भी है कि गोरखपुर से सोनौली और नौतनवा की ओर जाने वाली नकदी पहले भी कई बार पकड़ी जा चुकी है। अब यह भी जांच का हिस्सा है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ने के बाद कहीं नकदी भेजने वालों ने अपना रास्ता तो नहीं बदल दिया। रेलवे स्टेशन से इतनी बड़ी रकम पकड़े जाने को इसी संभावित बदलाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
