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गोरखपुर में 40 लाख की जाली भी न रोक सकी हादसा, करमैनी पुल से फिर राप्ती में छलांग; SDRF तलाश में जुटी

By Jitendra PandeyEdited By: Vivek Shukla
Published: Wed, 07 Oct 2026 12:54 PM (IST)

गोरखपुर के करमैनी पुल से बुधवार सुबह एक व्यक्ति ने राप्ती नदी में छलांग लगा दी, जिसकी तलाश में पुलिस ...और पढ़ें

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HighLights

  1. करमैनी पुल से राप्ती नदी में व्यक्ति ने लगाई छलांग।

  2. पुलिस और एसडीआरएफ टीम द्वारा तलाश अभियान जारी है।

  3. पुल पर सुरक्षा जाली का काम अधूरा, चिंता का विषय।

संवाद सूत्र, करमैनी घाट, (गोरखपुर)। कैंपियरगंज क्षेत्र में राप्ती नदी पर स्थित करमैनी पुल बुधवार सुबह एक बार फिर गंभीर घटना का गवाह बना। साढ़े नौ बजे एक व्यक्ति ने पुल से राप्ती नदी में छलांग लगा दी। पुल से गुजर रहे राहगीरों ने उसे नदी में तैरते देखा तो शुरुआती तौर पर उन्हें लगा कि वह नदी में तैर रहा है। हालांकि, कुछ ही देर में वह पुल से करीब दो-तीन सौ मीटर आगे चला गया और फिर गहरे पानी में दिखाई देना बंद हो गया। इसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और नाव के जरिए नदी में व्यक्ति की तलाश शुरू कराई। काफी देर तक अभियान चलाए जाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने एसडीआरएफ टीम को मौके पर बुलाया। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम नदी में सर्च अभियान चला रही है। अभी तक व्यक्ति की पहचान भी नहीं हो सकी है। उसने पुल से नदी में छलांग क्यों लगाई, इसकी भी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।

पहले भी हो चुकी हैं नदी में छलांग लगाने की घटनाएं
करमैनी पुल से राप्ती नदी में छलांग लगाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। दिसंबर 2025 में एक किशोरी ने पुल से राप्ती नदी में छलांग लगा दी थी। स्थानीय मछुआरों ने समय रहते उसे बचा लिया था। सितंबर 2025 में भी एक युवक के पुल से नदी में छलांग लगाने के बाद पुलिस और बचाव दल ने तलाश अभियान चलाया था।

लगातार घटनाओं को देखते हुए मार्च 2026 में पुल के दोनों किनारों पर करीब 40 लाख रुपये की लागत से सुरक्षा जाली लगाने की घोषणा की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को पुल से नदी में छलांग लगाने से रोकना बताया गया था। इसके बाद एक जून को लोहे की सुरक्षा फेंसिंग लगाने के कार्य का शुभारंभ हुआ। योजना के तहत पुल के संवेदनशील हिस्सों में जाली लगाने की बात कही गई थी।

करीब चार माह बाद भी सुरक्षा फेंसिंग का काम पूरा नहीं हो सका है। मौके पर पुल के करीब आधे हिस्से में लोहे की जाली लगी दिखाई दे रही है, जबकि शेष हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था अधूरी है। लगातार घटनाओं के बावजूद काम पूरा होने में हो रही देरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर सुरक्षा फेंसिंग का काम जल्द पूरा किया जाना चाहिए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और आपात स्थिति में तत्काल सूचना की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है।