गोरखपुर, जेएनएन। सड़क पर तैनात रहकर कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिस वालों को मोबाइल कैंटीन से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन पुलिस लाइंस में तैयार कराया जाएगा। गुरुवार से मोबाइल बैन खाने का पैकेट लेकर पुलिसकर्मियों के पास पहुंचेगी। 30 रुपये में एक पैकेट खाना मिलेगा।

कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिस वालों के लिए बनी व्यवस्था

लॉकडाउन में पुलिस वालों को आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करनी पड़ रही है। इस अवधि में पुलिसकर्मी ड्यूटी प्वाइंट नहीं छोड़ सकता है। सभी दुकाने बंद होने की वजह से इन पुलिस वालों को खाने-पीने का सामान नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या की तरफ ध्यान जाने के बाद एसएसपी डा. सुनील गुप्त ने शहर में दो मोबाइल कैंटीन चलाने का निर्देश दिया है।

पुलिस लाइंस में बनेगा भोजन, 30 रुपये मिलेगा खाने का पैकेट

पुलिस लाइंस या थाने की बैरकों तथा अकेले रहने वाले पुलिस वालों को इससे राहत मिलेगी। खाने के साथ पानी का पैकेट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही एसएसपी ने सभी पुलिस वालों को कोरोना वायरस से बचाव का पूरा इंतजाम रखने की हिदायत दी है तथा मुंह पर मास्क लगाने और सैनिटाइजर का प्रयोग करने का निर्देश दिया है।

जरूरतमंद को मुफ्त में देंगे खाना

मोबाइल वैन पर काम करने वालों को एसएसपी ने जरूरतमंदों को मुफ्त में खाना देने का निर्देश दिया है। शहर में रोज मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। एसएसपी ने कहा है कि रास्ते में यदि कोई ऐसा व्यक्ति या परिवार मिलता है तो उसे मुफ्त में भोजन दिया जाए।

Lockdown : मोबाइल कैंटीन से पुलिस वालों को उपलब्ध कराया जाएगा भोजन Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। सड़क पर तैनात रहकर कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिस वालों को मोबाइल कैंटीन से भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन पुलिस लाइंस में तैयार कराया जाएगा। गुरुवार से मोबाइल बैन खाने का पैकेट लेकर पुलिसकर्मियों के पास पहुंचेगी। 30 रुपये में एक पैकेट खाना मिलेगा।

कोरोना से जंग लड़ रहे पुलिस वालों के लिए बनी व्यवस्था

लॉकडाउन में पुलिस वालों को आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करनी पड़ रही है। इस अवधि में पुलिसकर्मी ड्यूटी प्वाइंट नहीं छोड़ सकता है। सभी दुकाने बंद होने की वजह से इन पुलिस वालों को खाने-पीने का सामान नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या की तरफ ध्यान जाने के बाद एसएसपी डा. सुनील गुप्त ने शहर में दो मोबाइल कैंटीन चलाने का निर्देश दिया है।

पुलिस लाइंस में बनेगा भोजन, 30 रुपये मिलेगा खाने का पैकेट

पुलिस लाइंस या थाने की बैरकों तथा अकेले रहने वाले पुलिस वालों को इससे राहत मिलेगी। खाने के साथ पानी का पैकेट भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही एसएसपी ने सभी पुलिस वालों को कोरोना वायरस से बचाव का पूरा इंतजाम रखने की हिदायत दी है तथा मुंह पर मास्क लगाने और सैनिटाइजर का प्रयोग करने का निर्देश दिया है।

जरूरतमंद को मुफ्त में देंगे खाना

मोबाइल वैन पर काम करने वालों को एसएसपी ने जरूरतमंदों को मुफ्त में खाना देने का निर्देश दिया है। शहर में रोज मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। एसएसपी ने कहा है कि रास्ते में यदि कोई ऐसा व्यक्ति या परिवार मिलता है तो उसे मुफ्त में भोजन दिया जाए।

संपूर्ण लाकडाउन के क्रियान्वयन में जुटी पुलिस

उधर, बस्ती में लाक डाउन को सफल बनाने के लिए सिस्टम सख्त दिख रहा हैI हालत यह है कि जहां सड़के सूनी है वही इक्का-दुक्का गुजर रहे वाहनों को पुलिस के सख्त निगरानी से गुजरना पड़ रहा है I कस्बे के अलावा अन्य छोटे-छोटे हाट बाजारों में भी पूरी तरह से बंदी का नजारा दिखाई पड़ा है I सड़कों पर आवाजाही ना के बराबर है I पुलिस व प्रशासन की गाड़ियां भाग दौड़ में लगी हैं I कप्तानगंज कस्बा स्थित भारतीय स्टेट बैंक व बैंक ऑफ महाराष्ट्र के उपभोक्ता सोशल डिस्टेंसिंग का फार्मूला अपनाते हुए अपने जमा निकासी के कार्यों को निपटा रहे हैं I लोग लाइन में एक मीटर से ज्यादा की दूरी बनाये रखेंI बैंक के अंदर किसी को बिना हाथ धोए जाने की अनुमति नहीं है I कस्बे में जो मेडिकल स्टोर की दुकानें खुली है वहां लोग एक मीटर की दूरी बनाकर ही दवाई लेने का प्रयास कर रहे हैं I अन्य सभी प्रकार की दूकानें बंद रहीं I

नहीं लगी साप्ताहिक बाजार

कप्तानगंज कस्बे में लगने वाली फल सब्जी व अन्य आवश्यकता की वस्तुओं वाली साप्ताहिक बाजार भी पूरी तरह से बंद रही I यह सोमवार और गुरुवार को साप्ताहिक बाजार लगती हैI हालांकि थोक की दुकानों पर वाहनों से सामान तो आए लेकिन उन्हें दुकान लगाकर बेचने की प्रशासनिक अनुमति नहीं थी I जिससे सब्जी के खुदरा व्यवसायियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा वही सब्जी व अन्य सामान लेने आने वाले लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा I प्रभारी निरीक्षक सौदागर राय ने बताया कि लोगोंं को उनके घरों में ही सब्जियां पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा रही हैI फुटकर व्यवसायियों से कहा जा रहा है कि थोक की दुकानों से सब्जी खरीद कर वे गांव जो गांव जाकर लोगों को घरों में ही सब्जी देना सुनिश्चित करें, जिससे लोग अपने घरों में रहते हुए ब्लॉक डाउन का पालन करते हुए भी आवश्यक वस्तुएं अपने घर पर ही पा जाए।

Posted By: Pradeep Srivastava

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