गोरखपुर के इंदिरा बाल विहार में बनेगा नया शॉपिंग कांप्लेक्स, 80 गाड़ियों के लिए होगी अंडरग्राउंड पार्किंग
गोरखपुर के इंदिरा बाल विहार में जीडीए एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित करेगा, जिसमें 80 गाड़ियों की बेसमेंट पार्किंग और ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
इंदिरा बाल विहार में नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स होगा विकसित।
80 चार पहिया वाहनों के लिए बेसमेंट पार्किंग सुविधा।
पुराने दुकानदारों को भूतल पर मिलेंगी 10 नई दुकानें।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। इंदिरा बाल विहार में खरीदारी और पार्किंग की बेहतर सुविधाओं के साथ नया शापिंग कांप्लेक्स विकसित किया जाएगा। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) यहां पुराने व्यावसायिक निर्माण को हटाकर नई डिजाइन के अनुसार आधुनिक परिसर तैयार कराने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें 80 चार पहिया वाहनों के लिए बेसमेंट पार्किंग की सुविधा होगी।
दुकानों के साथ बिजली, पानी, सीवर, कचरा प्रबंधन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। पुनर्विकास के लिए चयनित फर्म को निर्माण से लेकर परिसर के संचालन और रखरखाव तक की जिम्मेदारी निभानी होगी। निर्माण अधिकतम दो साल में पूरा करना होगा।
1660 वर्गमीटर क्षेत्रफल में नए सिरे से होगा विकास
जीडीए की ओर से जारी रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) के अनुसार, इंदिरा बाल विहार के लगभग 1660 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले व्यावसायिक भूखंड का नए सिरे से विकास किया जाएगा। चयनित फर्म अपने खर्च पर नई डिजाइन तैयार करेगी।
इसके लिए वित्तीय संसाधन जुटाने, जरूरी स्वीकृतियां लेने और प्राधिकरण से नक्शा पास कराने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। निर्माण लागू भवन उपविधियों के अनुरूप करना होगा। परियोजना का उद्देश्य व्यावसायिक परिसर को व्यवस्थित सुविधाओं के साथ विकसित करना है, ताकि दुकानदारों और ग्राहकों को बेहतर सहूलियत मिल सके।
भूतल पर होंगी 10 दुकानें
नए कांप्लेक्स में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए बेसमेंट में 80 चार पहिया वाहनों को खड़ा करने की व्यवस्था करनी होगी। पार्किंग का हिस्सा बच्चों के इंदिरा बाल विहार पार्क के नीचे तक होगा। पार्किंग का संचालन और रखरखाव चयनित फर्म करेगी। इसके लिए दैनिक शुल्क या मासिक पास के माध्यम से शुल्क लेने का अधिकार भी उसे मिलेगा।
परिसर में बिजली, पानी, सीवर और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करना होगा। इनके बिलों का भुगतान भी फर्म को ही करना पड़ेगा। अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) समेत निर्माण और उपयोगिताओं से जुड़ी आवश्यक अनुमतियां लेने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी।
पुराने आवंटियों के हितों का ध्यान रखते हुए नई इमारत में 150-150 वर्गफुट कारपेट एरिया की 10 दुकानें बनाकर जीडीए को निशुल्क हस्तांतरित करनी होंगी। सभी दुकानें भूतल पर बनाई जाएंगी, जो पुराने आवंटियों को आवंटित की जाएंगी। इनके किराये की वसूली जीडीए करेगा। निर्माण के दौरान पुराने दुकानदारों का कारोबार प्रभावित न हो, इसके लिए नई दुकानें मिलने तक अस्थायी व्यवस्था भी करनी होगी।
व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक
इंदिरा बाल विहार के लगभग 900 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले पार्क का उन्नयन और रखरखाव भी परियोजना का हिस्सा होगा। हालांकि, पार्क में किसी तरह का व्यावसायिक निर्माण या गतिविधि नहीं की जा सकेगी। इसका संचालन मास्टर प्लान और भवन उपविधियों के अनुरूप करना होगा।
पार्क में प्रवेश के लिए जीडीए की ओर से निर्धारित दर पर टिकट शुल्क लिया जा सकेगा। परियोजना के तहत लाइसेंस की अवधि 15 वर्ष होगी। संतोषजनक प्रदर्शन पर इसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकेगा। जीडीए को हस्तांतरित होने वाली 10 दुकानों को छोड़कर शेष व्यावसायिक स्थानों की मार्केटिंग और किराये पर देने का अधिकार लाइसेंसधारी फर्म को मिलेगा।
इंदिरा बाल विहार के व्यावसायिक परिसर को नई डिजाइन और आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। इसमें 80 चार पहिया वाहनों की पार्किंग, व्यवस्थित दुकानें और बेहतर रखरखाव की व्यवस्था होगी। पार्क की मूल प्रकृति सुरक्षित रखते हुए उसका भी उन्नयन किया जाएगा। निर्माण की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान रहेगा। -अभिनव गोपाल, उपाध्यक्ष, जीडीए।
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