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गोरखपुर में लागत के आधार पर तय होगी फ्लैटेड फैक्ट्री में फ्लैट आवंटन की दर, अब अंतिम चरण में परियोजना

Published: Thu, 26 Feb 2026 12:02 PM (IST)

गोरखपुर में गीडा की फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना अंतिम चरण में है। इकाइयों का आवंटन निर्माण लागत के आधार पर 'नो प्रॉफिट, नो लॉस' सिद्धांत पर होगा।

फ्लैटेड फैक्ट्री की वर्तमान स्थिति l जागरण

फ्लैटेड फैक्ट्री की वर्तमान स्थिति l जागरण

HighLights

  1. परियोजना अंतिम चरण में, आवंटन प्रक्रिया जल्द शुरू।

  2. इकाइयों का मूल्य निर्माण लागत पर आधारित होगा।

  3. रेडीमेड गारमेंट उद्योग को मिलेगा 'प्लग एंड प्ले' बढ़ावा।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। गीडा प्रशासन ने अब आगे की प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी है। गीडा की योजना के अनुसार फ्लैटेड फैक्ट्री की इकाइयों का आवंटन का दर निर्माण लागत के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

चूंकि परियोजना में देरी हुई है, इसलिए निर्माण लागत में भी वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में आवंटन दरें प्रारंभिक अनुमान से कुछ अधिक हो सकती हैं। हालांकि गीडा प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस फैक्ट्री के भीतर की औद्योगिक इकाइयों के लिए (फ्लैटों) की कीमत ‘नो प्राफिट, नो लास’ की तर्ज पर निर्माण की कुल लागत के आधार पर निर्धारित की जाएगी।

सेक्टर 13 में बन रही इस परियोजना का करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य जुलाई 2023 में शुरू हुआ था और इसे 15 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि निर्माण एजेंसी की देरी के कारण परियोजना समय से पीछे रह गई।

देरी को लेकर गीडा प्रशासन ने संबंधित निर्माण एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही भी शुरू की थी। बाद में प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा के बाद उसी एजेंसी को शेष कार्य पूरा करने की अनुमति दे दी गई। अब निर्माण लगभग पूर्ण होने की स्थिति में है और प्रशासन आवंटन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।

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फ्लैटेड फैक्ट्री का मॉडल।


 

सेक्टर 13 में 2.54 एकड़ में बना बहुमंजिला परिसर
यह फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर गीडा के सेक्टर 13 में लगभग 2.54 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। भवन जी 3 संरचना का है, जिसमें कुल 80 इकाइयां (फ्लैट) बनाई गई हैं। प्रत्येक इकाई का क्षेत्रफल लगभग 1,000 वर्ग फीट रखा गया है, ताकि छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमी आसानी से अपनी उत्पादन इकाई स्थापित कर सकें।

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परियोजना को आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप डिजाइन किया गया है। इसमें लिफ्ट, बिजली, पानी, अग्निशमन प्रणाली और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उद्यमियों को आधारभूत ढांचे की चिंता न करनी पड़े।

रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र के उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। हालांकि यहां अन्य उद्योगों को स्थान आवंटित करने की योजना है। ‘प्लग एंड प्ले’ माडल पर विकसित इस फ्लैटेड फैक्ट्री में उद्यमी न्यूनतम प्रारंभिक निवेश के साथ अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।

‘प्लग एंड प्ले’ माडल के तहत तैयार ढांचा, बिजली कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाएं पहले से उपलब्ध होंगी। इससे छोटे उद्यमियों को भूमि खरीद, भवन निर्माण और बुनियादी संरचना तैयार करने में लगने वाले समय और पूंजी की बचत होगी।


फ्लैटेड फैक्ट्री का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष 5 प्रतिशत फिनिशिंग का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। निर्माण पूरा होने के तत्काल बाद आवंटन की विज्ञप्ति जारी की जाएगी। आवंटन की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और दरों का निर्धारण अंतिम आडिट और निर्माण लागत के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा।


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-अनुज मलिक, सीईओ, गीडा