Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Gorakhpur Double Murder: हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, दो संदिग्ध छोड़े-दो नए हिरासत में

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 08:55 AM (IST)

    गोरखपुर के गीता वाटिका में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों से पूछताछ की है, लेकिन मुकदमा दर्ज कराने वाली सुशीला के बदलते बयानों ने मामले को और उलझा दिया है। पुलिस पुराने मामलों की भी जांच कर रही है ताकि कोई सुराग मिल सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।

    Hero Image

    सुशीला के बदलते बयान से उलझी जांच, क्राइम ब्रांच ने दिनभर की पूछताछ। जागरण

    संवाद सूत्र, चरगांवा। गीता वाटिका दोहरे हत्याकांड में पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है।शाहपुर थाना पुलिस,क्राइम ब्रांच की टीम ने चिन्हित किए गए संदिग्ध से गुरुवार देर रात व शुक्रवार को दोपहर से शाम तक पूछताछ की। मुकदमा दर्ज कराने वाली सुशीला के बदलते बयान ने उलझन और बढ़ा दी है। हिरासत में लिए गए ई-रिक्शा चालक व चाउमीन विक्रेता को शुक्रवार की दोपहर छोड़ दिया गया।सर्विलांस की मदद से चल रही जांच के दायरे में आए दो अन्य युवकों को हिरासत में लिया गया है।

    शुक्रवार दोपहर में क्राइम ब्रांच और शाहपुर थाने की पुलिस रामा आर्ट फर्नीचर की दुकान पर पहुंचीं, जहां दो-तीन घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। टीमों ने दुकान मालिक रामानंद, कर्मचारी विशाल गुप्ता, आकाश, रविंद्र, रामअधार, आफताब, और आसपास के कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस यह समझना चाहती थी कि हाल के दिनों विमला की दिनचर्या में क्या बदलाव आए थे और किसने उससे आखिरी बार बात की थी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पूछताछ की सबसे संवेदनशील कड़ी थी, सुशीला। पुलिस ने उसका बयान कई बार रिकार्ड किया, लेकिन हर बार उसके जवाब अलग थे। एग्रीमेंट की तारीख, वर्ष, रकम और किसके माध्यम से दस्तावेज़ बना इन सवालों पर सुशीला झिझकती रहीं।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह किसी बात को छिपा नहीं रही थीं, लेकिन दबाव या भय में सही क्रम में घटनाएं बताने में असमर्थ दिखीं। पूछताछ खत्म होने के बाद शाम करीब पांच बजे सुशीला अपने पति के साथ जौनपुर (ससुराल) चली गईं। तीन दिन से वह पड़ोसी रामआधार के घर ठहरी हुई थीं, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने वहां रुकने से इनकार कर दिया।

    रामआधार का कहना है कि उन्होंने रुकने के लिए सुशीला से कहा था। सबसे चौंकाने वाली जानकारी वह है जो 15 वर्ष पुराने एक मामले से जुड़ी है। पड़ोसियों ने बताया कि नाबालिग लड़की को भगाने के आरोप में शांति जायसवाल और विमला दोनों जेल भेजी गई थीं। उन्हें लगभग सात साल की सजा काटनी पड़ी।

    लड़की आज तक वापस नहीं आई, एक पड़ोसी ने कहा। पुलिस इस पुराने केस की फाइल निकाल रही है ताकि यह देखा जा सके कि कहीं उसी परिवार या उससे जुड़े लोगों का कोई तनाव आज की घटना से जुड़ता तो नहीं।

    सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि कई बिंदुओं पर गहराई से काम चल रहा है। दो नए लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया है।जल्द ही घटना का पर्दाफाश किया जाएगा।

    यह है मामला:
    शाहपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुरवा में रविवार की देर रात मां-बेटी की हत्या कर दी गई। घर के अंदर 65 वर्षीय शांति जायसवाल और 45 वर्षीय विमला जायसवाल लहूलुहान हालत में मिलीं। पोस्टमार्टम में सामने आया कि शांति के सिर पर तीन वार किए गए, जिनमें एक वार ने माथे और कान के ऊपर की हड्डी तोड़ दी।

    विमला के सिर के पीछे एक भारी वार पाया गया। लखनऊ में रहने वाली शांति देवी की बड़ी बेटी सुशीला ने अज्ञात के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।