खुशियों से गुलजार हो रही 'डे केयर सेंटर' में जीवन की ढलती शाम, बुढ़ापे की तन्हाई को मिल रहा आत्मीय सहारा
गोरखपुर का सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर बुजुर्गों के लिए खुशियों का ठिकाना बन गया है। सेवानिवृत्त रमेश रामदरस राय ...और पढ़ें
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60 से ज्यादा उम्र के करीब 100 वरिष्ठ नागरिक बन चुके हैं इस सेंटर के सदस्य। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बुजुर्गों को अकेलापन दूर कर मिल रहा आत्मीय साथ।
मनोरंजन, स्वास्थ्य शिविर, आधुनिक लाइब्रेरी, फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध।
मुख्यमंत्री योगी की पहल से बुढ़ापा बन रहा उत्सव।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग, मुंबई से सेवानिवृत्त होने के बाद रमेश रामदरस राय जब रुस्तमपुर के साकेत नगर स्थित अपने घर लौटे, तो बेटियों की शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के बाद एक गहरा खालीपन उनका इंतजार कर रहा था।
जीवन की आपाधापी शांत हुई तो अकेलेपन ने दस्तक दी। लेकिन आज रमेश रामदरश के चेहरे पर वह अकेलापन नहीं, बल्कि एक सुकून भरी मुस्कान दिखती है। इस मुस्कान का पता है-सिविल लाइंस स्थित नगर निगम का ‘सीनियर सिटीजन डे केयर सेंटर’।
यह केंद्र आज शहर के दर्जनों बुजुर्गों के लिए महज एक इमारत नहीं, बल्कि उनकी खुशियों का ‘ठौर’ बन गया है। शहर के करीब 100 वरिष्ठ नागरिक यहां अपने हमउम्र और हमजोलियों के बीच खुशियां तलाश में पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तैयार यह सेंटर अपनी सार्थकता पूरी तरह साबित कर रहा है।
साझा यादें और हमउम्रों का साथ खिलखिलाती जिंदगी
विश्व बंधु गुप्ता हों, प्रमोद द्विवेदी हों या रुस्तमपुर के केसी शुक्ला- इन सभी की दिनचर्या अब इस केंद्र के इर्द-गिर्द घूमती है। यहां हमउम्र साथियों के साथ बैठकर चेस की बिसात बिछती है, अखबारों पर चर्चा होती है और टेलीविजन के कार्यक्रमों के बीच ठहाके गूंजते हैं। शनिवार को कार्यक्रम में पहुंचे केसी शुक्ला कहते हैं, ‘यहां अपनों के बीच समय कैसे बीत जाता है, पता ही नहीं चलता। घर की चारदीवारी का सन्नाटा यहां की जीवंतता में खो जाता है।’
मनोरंजन और स्वास्थ्य का संगम बना केंद्र
इस डे केयर सेंटर की खासियत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है। प्रत्येक शनिवार को यहां आयोजित होने वाला ‘स्वास्थ्य कैंप’ बुजुर्गों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस कैंप में न केवल केंद्र में पंजीकृत वरिष्ठ नागरिक, बल्कि शहर के दूर-दराज इलाकों से भी बुजुर्ग अपनी जांच कराने पहुंचते हैं। शनिवार को आयोजित स्वास्थ्य शिविर में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि यह केंद्र बुजुर्गों के भरोसे का केंद्र बन चुका है।
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शनिवार को अपोलो क्लिनिक गोरखपुर एवं अपोलो हास्पिटल लखनऊ के सहयोग से हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। इसमें यूरोलाजिस्ट डा. अभिषेक कुमार गुप्ता और लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी विशेषज्ञ डा. उत्कर्ष श्रीवास्तव ने 70 से ज्यादा वरिष्ठ जनों के स्वास्थ्य की जांच की।
आधुनिक सुविधाएं के साथ लाइब्रेरी में पढ़ने का मौका
मुख्यमंत्री की पहल पर करीब 2.50 करोड़ की लागत से निर्मित यह आधुनिक डे केयर सेंटर बुजुर्गों की गरिमा और सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। अत्याधुनिक लाइब्रेरी, फिजियोथेरेपी सेंटर, इनडोर गेम्स और विश्राम कक्ष जैसी सुविधाओं से लैस यह केंद्र उत्तर प्रदेश के शहरी विकास के मानवीय चेहरे को दर्शाता है।
जैसे-जैसे शहर के वरिष्ठ नागरिकों का यह कारवां बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह स्पष्ट हो रहा है कि उम्र के इस पड़ाव पर अपनों का साथ और सरकार का सहयोग मिल जाए, तो जीवन की सांध्य बेला भी उत्सव बन सकती है। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने कहा कि नगर निगम का यह प्रयास आज प्रदेश के अन्य शहरों के लिए एक नजीर बन रहा है।
