'कौन ब्रह्मभोज में हथियार ले जाएगा?' यही सोच बनी घातक, पुरानी रंजिश में ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी की हत्या
गोरखपुर में पुरानी रंजिश के चलते ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी की ब्रह्मभोज में हत्या कर दी गई। वह भरोसे में ...और पढ़ें

बाएं से हत्यारोपित राहुल चौधरी और मृतक शिवकुमार तिवारी। जागरण
HighLights
ब्रह्मभोज में बुलाकर पुरानी रंजिश में की गई हत्या।
शिव कुमार भरोसे में घर छोड़ गए थे लाइसेंसी रिवाल्वर।
एक आरोपी ने किया आत्मसमर्पण, अन्य की तलाश जारी।
संवाद सूत्र, उरुवा बाजार, (गोरखपुर)। पुरानी रंजिश की जानकारी परिवार को थी, लेकिन शिव कुमार त्रिपाठी को भरोसा था कि ब्रह्मभोज जैसे सामाजिक आयोजन में कोई विवाद नहीं होगा। इसी भरोसे ने उन्हें निहत्था कर दिया। परिवार के मुताबिक, छेदी चौधरी का बेटा विंदनिवास उन्हें तीन बार घर से बुलाने आया था।
शिव कुमार ने इसे सौहार्द का निमंत्रण समझा। परिवार ने गांव जाने से मना किया, लेकिन वह 80 वर्षीय मां को देखने और ब्रह्मभोज में शामिल होने के लिए चले गए। लुंगी पहनकर निकले और अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर भी घर पर छोड़ दी।पर 10 दिन से रची जा रही साजिश से वह अनजान थे। ब्रह्मभोज में पहुंचने के बाद हमला हुआ। जान बचाने के लिए शिव कुमार भागे और मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कोई आगे नहीं आया।
ठेकेदार का परिवार गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र के गांधीनगर मोहल्ले में महाराणा प्रताप पालिटेक्निक के पास रहता है। बिजली विभाग में ठेकेदारी करने वाले 55 वर्षीय शिव कुमार अक्सर गांव आते-जाते थे। कुछ दिन पहले 80 वर्षीय मां को देखने के लिए गांव जाने के लिए निकले,परिवार के लोगों ने पुरानी रंजिश का हवाला देकर उन्हें रोकने की कोशिश की। वजह थी पुरानी रंजिश। परिवार के मुताबिक, उन्हें कई दिनों से बदले की धमकी की जानकारी भी थी।
शिव कुमार अपने पास हमेशा लाइसेंसी रिवाल्वर रखते थे लेकिन ब्रह्मभोज में जाते समय साथ नहीं ले गए। परिवार के मुताबिक, उन्हें साजिश का अंदाजा ही नहीं था। लुंगी पहनकर सामान्य तरीके से घर से निकले। उन्हें लगा था कि ब्रह्मभोज में कौन हथियार लेकर जाएगा। यही भरोसा घातक साबित हुआ।
भाई रामकुमार ने पुलिस को बताया कि ब्रह्मभोज में पहुंचने के बाद तत्कालिक विवाद हुआ और शिव कुमार पर हमला कर दिया गया। इसके बाद अपहरण कर आरोपित आटो से अपने साथ लेकर चले गए। परिवार को जानकारी हुई तो पीछे से दौड़े लेकिन आरोपित दूर निकल गए। कुछ दूर बाद वह आटो से निकलकर चिल्लाते हुए भागे पर आरोपितों ने उन्हें घेर लिया।

शिव कुमार के भाई रामकुमार के अनुसार, राहुल चौधरी के चाचा विनोद चौधरी कई दिनों से गांव में घूमकर बदला लेने की धमकी दे रहे थे। घटना के बाद मुख्य आरोपित राहुल चौधरी का असलहा लेकर बैठे होने का फोटो सामने आया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
एक आरोपित आशुतोष चौधरी ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। एसएसपी डा. कौस्तुभ ने परिवार से बातचीत कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
पट्टीदार से हुआ था विवाद
पुलिस के मुताबिक शिव कुमार के पट्टीदार बृजेश तिवारी से चौधरी परिवार का विवाद हुआ था। मामला बढ़ने पर वर्ष 2024 में आदेश की त्या हो गई थी। इस घटना में शिव कुमार का कोई संबंध नहीं था लेकिन उनके बेटे आदित्य काे आरोपित बनाया गया जिन्हें करीब तीन माह तक जेल में रहना पड़ा।
इनके ऊपर दर्ज हुआ मुकदमा
सिकरीगंज थाना पुलिस ने ठेकेदार की हत्या के मामले में अहिरौली खुर्द निवासी विंदनिवास चौधरी उसके पट्टीदार विनोद चौधरी,राहुल चौधरी,आशुतोष चौधरी,साहुल चौधरी,विनोद की पत्नी व एक रिश्तेदार व भाई दीपू चौधरी पर साजिश के तहत अपहरण के बाद हत्या करने का मुकदमा दर्ज किया है।
