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गोरखपुर-बस्ती मंडल में बसेंगी आवास विकास की कालोनियां, ढाई दशक का सूखा होगा खत्म

Published: Sun, 18 Jan 2026 12:24 PM (IST)

उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद गोरखपुर और बस्ती मंडल में 25 साल बाद नई आवासीय योजनाएं ला रहा है। ...और पढ़ें

आवास एवं विकास परिषद ने चार जिलों में भूमि का किया निरीक्षण। सांकेतिक तस्वीर

आवास एवं विकास परिषद ने चार जिलों में भूमि का किया निरीक्षण। सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. 25 साल बाद आवास विकास परिषद लाएगा नई योजनाएं।

  2. गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, कुशीनगर में भूमि का निरीक्षण।

  3. मध्यम व निम्न आय वर्ग को मिलेगा अपना घर।

राजीव रंजन, गोरखपुर। गोरखपुर और बस्ती मंडल के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद करीब 25 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस क्षेत्र में नई आवासीय योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है। शासन के निर्देश पर परिषद के सचिव डा. नीरज शुक्ला के नेतृत्व में गठित एक उच्चस्तरीय कमेटी ने गोरखपुर, बस्ती, संतकबीरनगर और कुशीनगर में कालोनियां विकसित करने के लिए संभावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया है। इस पहल से न केवल आवास की समस्या का समाधान होगा, बल्कि इन क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को भी नई गति मिलेगी।

ढाई दशक बाद जगी नई उम्मीद
गोरखपुर शहर में आवास एवं विकास परिषद ने पिछले ढाई दशक से कोई भी नई कालोनी विकसित नहीं की थी। परिषद द्वारा विकसित की गई अंतिम प्रमुख कालोनी विकासनगर के पास बनाई गई थी। इससे पहले परिषद ने शहर के सूरजकुंड, बेतियाहाता, शाहपुर और महादेव झारखंडी जैसे क्षेत्रों में सुनियोजित कालोनियां बसाई थीं, जो आज शहर के प्रमुख रिहायशी इलाके हैं।

इन कालोनियों में करीब 4200 आवास हैं। ऐसे में आवास विकास परिषद ने एक बड़ी आबादी की जरूरतों को पूरा किया। लंबे समय से किसी नई योजना के न आने से शहर में आवासीय संकट और निजी बिल्डरों पर निर्भरता बढ़ गई थी, जिसे अब सरकार दूर करने जा रही है। हालांकि गोरखपुर विकास प्राधिकरण के द्वारा भी कई कालोनियां विकसित की गई हैं।

लेकिन आवास विकास परिषद की ओर से गोरखपुर में आवास विकास परिषद ने लगभग 25 वर्षों से कोई नई बड़ी योजना शुरू नहीं की है। अब नई योजना के साथ मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए अपने घर का सपना पूरा करना आसान होगा।

इन इलाकों में टीम ने कालोनी के लिए भूमि का किया निरीक्षण
शासन द्वारा गठित टीम ने चारों जिलों में विकास की संभावनाओं को देखते हुए प्रमुख मार्गों का चयन किया है। गोरखपुर में जंगल कौड़िया रोड पर कालोनी विकसित करने के लिए जमीन देखी गई है। यह क्षेत्र फोरलेन से जुड़ा होने के कारण भविष्य के लिए बेहद उपयुक्त माना जा रहा है।

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कुशीनगर में पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के महत्व को देखते हुए हवाई अड्डा रोड (एयरपोर्ट रोड) पर भूमि का निरीक्षण किया गया। बस्ती में इंजीनियरिंग कालेज रोड के पास आवासीय योजना के लिए संभावना तलाशी गई है। वहीं, संतकबीरनगर में मेंहदावल रोड पर कालोनी बसाने के लिए भूमि का मुआयना किया गया।

उच्चस्तरीय टीम ने किया स्थलीय मुआयना
कालोनियों के लिए भूमि फाइनल करने के उद्देश्य से पहुंची टीम में सचिव डा. नीरज शुक्ला के साथ एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, मुख्य अभियंता डीपी सिंह, मुख्य आर्किटेक्ट प्लानर संजीव कश्यप, अधीक्षण अभियंता रामलखन और जल निगम के अधीक्षण अभियंता रतनसेन सिंह शामिल रहे। टीम ने जमीन की कनेक्टिविटी, जल निकासी और भविष्य की विस्तार संभावनाओं का बारीकी से आकलन किया है।


शासन के निर्देशानुसार इन चारों जिलों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। टीम की जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी। अनुमति मिलते ही भूमि अधिग्रहण और विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पहल से न केवल आम जनमानस को किफायती और सुरक्षित आवास मिलेंगे, बल्कि इन क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

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डा. अनिल कुमार, उप आवास आयुक्त