विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गोरखपुर-बस्ती मंडल में बदले जाएंगे एक लाख मीटर, नहीं हो पा रही थी रीडिंग

Published: Wed, 17 Jun 2026 02:41 PM (GMT+05:30)

गोरखपुर-बस्ती मंडल में 1,04,410 खराब मीटर बदले जाएंगे, जिनसे रीडिंग न मिलने के कारण बिजली निगम को राजस्व का नुकसान ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. गोरखपुर-बस्ती मंडल में 1.04 लाख मीटर बदले जाएंगे।

  2. खराब मीटरों से रीडिंग न मिलने से राजस्व हानि हो रही थी।

  3. जीनस कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, कुछ उपभोक्ता मना कर रहे।

दुर्गेश त्रिपाठी, गोरखपुर। गोरखपुर-बस्ती मंडल के एक लाख चार सौ 10 मीटर बदले जाएंगे। इन मीटर की रीडिंग नहीं हो पा रही है। इससे बिल नहीं बन पा रहे हैं। मीटर रीडरों से मिली सूचना के आधार पर बिजली निगम ने मीटर बदलने की जिम्मेदारी कार्यदाई संस्था जीनस को दी है। परिसर पर स्थापित इलेक्ट्रानिक मीटर की जगह जीनस के कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाएंगे।

बिजली निगम में लंबे समय से आइडेंटिफाइड डिफेक्टिव (आइडीएफ) मीटर परेशानी का कारण बने हुए हैं। उपभोक्ता के परिसर में बिजली का उपभोग तो होता है लेकिन मीटर में रीडिंग न दिखने के कारण बिल नहीं बन पा रहा है। इससे बिजली निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए आइडीएफ मीटरों को बदलने का निर्णय लिया गया है।

image - 2026-06-17T143538.642


यह है आइडीएफ मीटर
बिजली के बिल में आइडीएफ का मतलब आइडेंटिफाइड डिफेक्टिव होता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब बिजली निगम के कर्मचारी उपभोक्ता के परिसर में मीटर की सही रीडिंग लेने में असमर्थ होते हैं।

यह भी पढ़ें- देवरिया में पकड़े गए घुसपैठियों के बांग्लादेश-म्यांमार के पते खंगाले जाएंगे, जांच में सीबीआई-एटीएस भी शामिल

बिजली निगम के कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी
आइडीएफ मीटर बदलने की जिम्मेदारी जीनस कंपनी के साथ ही बिजली निगम के कर्मचारियों को दी गई है। यह कर्मचारी उपभोक्ताओं के परिसर में पहुंचकर मीटर बदलने में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि कई ऐसे उपभोक्ता हैं जो स्मार्ट मीटर न लगाए जाने के सरकारी आदेश का हवाला देकर कर्मचारियों को वापस कर दे रहे हैं।

एक अनुमान के अनुसार आदेश के बाद जीनस कंपनी पांच हजार परिसर पर आइडीएफ मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगा चुकी है। तकरीबन 10 हजार घरों के उपभोक्ताओं ने मीटर लगाने से इन्कार किया है।


आइडीएफ की सूची के आधार पर तेजी से मीटर बदले जा रहे हैं। इसमें बिजली निगम के अभियंताओं व कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। जिन परिसर में लोग स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर रहे हैं, उनकी जानकारी संबंधित अभियंताओं को दे दी जा रही है। हम जल्द से जल्द मीटर बदलने में जुटे हैं।

-

-राकेश सिंह, प्रबंधक, जीनस कंपनी