गोरखपुर, जेएनएन। महेवा स्थित सब्जी मंडी में गुरुवार से फुटकर मंडी नहीं लगेगी। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए मंडी परिषद ने यह निर्णय लिया है। महेवा में थोक व्यापारियों के अलावा कई व्यापारी फुटकर दुकानें भी लगाते थे। यहां फुटकर व्यापारी पसेरी (पांच किलो) की दर से सामान बेचते थे, जो थोक मूल्य से कुछ अधिक रहता था। लॉकडाउन के समय में भी बुधवार सुबह तक फुटकर मंडी लगी। फुटकर मंडी के कारण शहर के लोग सस्ती सब्जी के चक्कर में यहां आ रहे थे। ऐसे में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा था। अब ठेले वाले फुटकर व्यापारी ही मंडी में आकर थोक में सब्जियां खरीद सकेंगे। इसके अलावा प्रशासन के निर्देश पर व्यापारी गाडिय़ां लोड कराकर शहर के विभिन्न हिस्सों में भेज रहे हैं।

शहर के कुछ हिस्सों में वसूल रहे मनमाना रेट

जिला प्रशासन की ओर से सब्जियों के थोक एवं फुटकर दरें तय की गई हैं लेकिन शहर के कुछ हिस्सों में ठेले वाले मनमाना रेट वसूल रहे हैं। बुधवार को बंगाल के परवल की फुटकर कीमत 36 रुपये व बलिया के परवल की 50 रुपये तय की गई थी। कुछ ठेले वाले 60 से 70 रुपये में बेचते मिले। इसी तरह भिंडी, टमाटर भी बढ़े रेट पर बेचे गए।

तरबूज की बढ़ रही मांग

बाजार में तरबूज की मांग बढ़ रही है। थोक मंडी में इसकी कीमत 12 से 13 रुपये प्रति किलो है। फुटकर में न्यूनतम 20 रुपये में बिक्री हो रही है। दूसरी ओर संतरा की आवक धीरे-धीरे कम हो रही है। बुधवार को केवल एक गाड़ी आई। थोक फल विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि आने वाले चार-पांच दिनों में संतरे की आवक और कम हो जाएगी। 

महेवा मंडी में फुटकर बाजार बंद कर दिया गया है। कल से अभियान चलाया जाएगा, यदि कोई फुटकर सब्जी बेचते मिला तो कार्रवाई होगी। - अभिनव रंजन, सिटी मजिस्ट्रेट

लॉकडाउन बढऩे की चर्चा के बीच बढ़ गए ऑर्डर

प्रदेश में लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद भी बढऩे की चर्चा के बाद राशन के सामानों के ऑर्डर भी बढ़ गए हैं। इस समय औसत रूप से 50 से 80 ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं। इसके अलावा ई कॉमर्स कंपनियों के माध्यम से भी आपूर्ति की जा रही है।

टनल शुरू करने का मामला डब्लूएचओ के पास

महेवा मंडी में डिसइंफेक्शन टनल शुरू करने का मामला विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के पास पहुंच गया है। टनल में लिक्विड के इस्तेमाल को लेकर प्रदेश सरकार ने डब्लूएचओ से राय मांगी है। महेवा मंडी में सचिव के कार्यालय के सामने पिछले सप्ताह डिसइंफेक्शन टनल लगा दी गई थी। इस टनल से गुजरने वालों पर विशेष लिक्विड डाला जाना है। इसके लिए टनल में चार फव्वारे भी लगाए गए हैं। लिक्विड तय करने के लिए कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (एडी हेल्थ) डॉ. जेएम त्रिपाठी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में चर्म रोग विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजकुमार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह, यहीं के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रामकुमार की टीम बनाई थी। इस टीम ने सोडियम हाइपो क्लोराइट के घोल के इस्तेमाल की संस्तुति दी थी। इसके बाद नगर विकास विभाग से राय मांगी गई थी।

डॉक्टरों की टीम ने सोडियम हाइपो क्लोराइट के इस्तेमाल की रिपोर्ट दी है, लेकिन इससे आंखों में जलन भी हो सकती है। इसे देखते हुए एक्सपर्ट से राय मांगी गई है। जैसे ही लिक्विड को लेकर सहमति बन जाएगी, टनल शुरू करा दिया जाएगा। - जयंत नार्लिकर, कमिश्नर।

Posted By: Pradeep Srivastava

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