गोरखपुर, जेएनएन। चलती ट्रेन में अक्सर लूट, छिनैती, चोरी व जहरखुरानी की घटनाएं होती रहती हैं। एस्कोर्ट में जीआरपी सिपाहियों के तैनात रहने के बाद भी इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लग पाती है। कई बार यात्रियों को पता भी नहीं होता है कि ट्रेन में पुलिस वाले भी मौजूद हैं। एसपी रेलवे के निर्देश पर अब एस्कोर्ट में चलने वाले पुलिसकर्मी यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर बताएंगे। ताकि जरूरत पडऩे पर यात्री उनसे मदद मांग सकें। इसके अलावा टीटीई, गार्ड और पायलट के पास भी सिपाहियों का मोबाइल नंबर रहेगा।

सिपाही जाकर यात्रियों को देंगे अपना नंबर

अभी तक चलती ट्रेन में अपराध होने अथवा आपात स्थिति की सूचना देने के लिए यात्रियों को रेलवे के नंबर 139, 182 अथवा पुलिस सहायता नंबर 100 को डायल करना पड़ता है। इस नंबर के डायल करने के बाद पुलिस सहायता मिलने में अधिक समय लग जाता है। तब तक ट्रेन कई किलोमीटर का सफर तय कर चुकी होती है। यात्रियों को त्वरित सहायता मिले, इसके लिए एसपी रेलवे पुष्पांजलि देवी ने नई व्यवस्था शुरू की है। ट्रेन में एस्कोर्ट करने वाले सिपाही सभी कोच में जाकर यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर देंगे। किसी संदिग्ध के दिखने या कोई परेशानी होने पर तुरंत फोन करने का आग्रह भी करेंगे।

ड्यूटी के दौरान इन बातों का रखना है ख्याल

  • एसी व स्लीपर कोच में कोई भी अनधिकृत व्यक्ति न बैठे।
  • जहरखुरानी प्रभावित ट्रेनों में कोच के अंदर वीडियोग्राफी।
  • गदाई और अनधिकृत वेंडर ट्रेन में न बैठें।
  • नरकटियागंज और थावे पैसेंजर ट्रेन में प्रस्थान से पहले सघन चेकिंग।

ट्रेन में तैनात सुरक्षाकर्मी यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर देंगे। ताकि सूचना मिलने पर सुरक्षाकर्मी संबंधित यात्री के पास सहायता के लिए तुरंत पहुंच जाए। अनुभाग में इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। सीओ और थानेदार इसकी मॉनीटरिंग करेंगे। - पुष्पांजलि देवी, एसपी रेलवे- गोरखपुर

Posted By: Pradeep Srivastava

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