गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर शहर के रामगढ़ताल में बिना अनुमति के ही मछली का आखेट करने का मामला प्रकाश में आया है। जिसके बाद गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने ऐसा करने वालों पर एफआइआर दर्ज कराने के लिए रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी है। जीडीए अधिकारियों का कहना है कि मछली आखेट का अधिकार देने के लिए 21 नवंबर को टेंडर निकाला गया है। 20 दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है। इस बीच कुछ लोग मछली निकाल रहे हैं।

मछली के आखेट को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद

रामगढ़ताल में मछली के आखेट को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। कई बार टेंडर की प्रक्रिया हुई लेकिन यह तय नहीं हो पाया कि मछली कौन निकालेगा। जीडीए को यह मामला सुलझाने के लिए पुराना टेंडर निरस्त कर नया टेंडर करना पड़ा। इस बीच किसी को भी मछली का आखेट करने की अनुमति नहीं दी गई। लेकिन कुछ लोग चोरी-छिपे मछली मारने में जुट गए। जीडीए सचिव उदय प्रताप सिंह की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में कहा गया है कि रामगढ़ताल नया सवेरा पर नाव के संचालक धर्मेंद्र शुक्ला व राहुल साहनी ने इसकी शिकायत की है। उनका कहना है कि रामगढ़ताल में मछुआरों द्वारा जाल लगाकर मछली निकाली जा रही है। जिससे नाव के संचालन में कठिनाई हो रही है। जबकि प्राधिकरण द्वारा किसी भी समिति को मछली निकालने का अधिकार नहीं दिया गया है।

जीडीए सचिव ने पुलिस से की शिकायत

जीडीए सचिव ने पुलिस से कहा है कि रामगढ़ताल से अवैध रूप से मछली निकालने का काम बंद कराया जाए और ऐसा करने वालों पर एफआइआर दर्ज कराई जाए। जीडीए सचिव ने बताया कि बिना अनुमति के मछली मारना गलत है। इस संबंध में एफआइआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। थाना प्रभारी रामगढ़ताल सुधीर सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है।

Edited By: Pragati Chand

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