गोरखपुर, दुर्गेश त्रिपाठी। नगर निगम के अफसर डंपिंग ग्राउंड के लिए सर्च...सर्च का खेल, खेल रहे हैं और शहर का कूड़ा एकला बांध पर पहाड़ का शक्ल लेता जा रहा है। यदि जानकारी न हो कि एकला बांध कहां है, तो हम बता देते हैं। शहर से लखनऊ की ओर जाने पर राजघाट पुल पार करते ही बाईं तरफ एकला बांध है। इसके बाद नौसड़ का इलाका है, यानी एकला बांध शहर में है और रोजाना छह सौ टन से ज्यादा कूड़ा शहर में फेंका जा रहा है। ऐसे समझ लें कि कूड़े से बांध फोरलेन की चौड़ाई हासिल कर चुका है।

रोजाना सैकड़ों गाडिय़ां कूड़ा गिरा रही हैं। यहां न तो गीले और न ही सूखे कचरे का फर्क है। कूड़े से अभी तक आसपास की तकरीबन आधा किलोमीटर की आबादी प्रभावित थी लेकिन अब उठ रहे धुएं से पूरे शहर में वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता जा रहा है।

गीडा में अभी देर

नगर निगम प्रशासन ने गीडा क्षेत्र में डंपिंग ग्राउंड के लिए 20 एकड़ जमीन देखी है। इसके लिए 39.44 करोड़ रुपये की धनराशि भी शासन से मांगी गई है, लेकिन अभी जमीन मिलने में समय लगेगा। गीडा प्रशासन किसानों से जमीन खरीदेगा फिर नगर निगम को देगा।

जमीन से आसमान तक परेशानी

एकला बांध के किनारे रहने वाले मोहन पांडेय कहते हैं कि कूड़ा न सिर्फ वायु प्रदूषण बढ़ा रहा है वरन जमीन का पानी भी दूषित हो चुका है। पछुआ हवा चलती है तो शहर में धुआं जाता है और पुरवा हवा चलने पर जानलेवा धुआं नौसड़ व आसपास के क्षेत्र में फैलता है। पूजा कहती हैं कि हैंडपंप का पानी पीना मुश्किल है। भोनी देवी और सतीश कुमार कहते हैं कि बारिश होती है तो आसपास के इलाके में फैली दुर्गंध से भोजन करना मुश्किल हो जाता है।

गीडा में डंपिंग ग्राउंड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। यदि कूड़े से धुआं उठ रहा है तो अफसरों को निर्देश दिए जाएंगे कि वह पानी डालें। नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी को खेलने नहीं दिया जाएगा। - सीताराम जायसवाल, महापौर

गांवों में सफाई लडख़ड़ाई, अफसर बेखबर

उधर, सहजनवां ब्लाक में जिम्मेदारों की अनदेखी आम लोगों पर भारी पड़ रही है। दिवाली पर्व पर घरों को साफ-सुथरा कर दिया गया, लेकिन गांवों में गंदगी का अंबार लगा है। गंदगी को लेकर जनता की शिकायत के बाद भी सफाई कर्मी मनमानी पर अड़े हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। पूरे ब्लाक की 65 ग्राम सभाओं में साफ-सफाई के लिए 135 सफाई कर्मचारी की तैनाती चाहिए और 131 हैं। सफाई के लिए इतनी बड़ी फौज रहने के बाद भी मनमानी के कारण सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है। अफसर सफाई कर्मियों को ताश के पत्ते की तरह फेंट  रहे हैं। कुछ सफाईकर्मी साहब के यहां चाकरी में हैं। कटाई टीकर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हनुमान यादव ने कहा कि गांव में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है, कोई कर्मचारी नहीं है।

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