नेपाल में तबाही मचाने के बाद तेजी से यूपी की ओर बढ़ रहा बाढ़ का पानी, कुशीनगर और महराजगंज में हाई अलर्ट
Nepal flash flood नेपाल से आ रहे बाढ़ के पानी से महराजगंज और कुशीनगर में गंडक नदी से तबाही की ...और पढ़ें

HighLights
नेपाल से आ रहे बाढ़ के पानी से महराजगंज-कुशीनगर में खतरा।
गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने से तबाही की आशंका।
सिंचाई विभाग ने बचाव कार्य तेज किए, हाईअलर्ट जारी।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। नेपाल में तबाही मचाने के साथ ही बाढ़ का पानी तेजी से महराजगंज और कुशीनगर की तरफ बढ़ रहा है। गंडक नदी में आने वाले इस पानी से उत्तर प्रदेश के तकरीबन 40 किलोमीटर के हिस्से में तबाही की आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग ने बचाव की तैयारी तेज कर दी है।
इस भीषण तबाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिंता जताई है। उन्होंने इंटरनेट मीडिया एक्स के माध्यम से बताया कि इसके प्रभाव से कुशीनगर और महराजगंज में नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने नेपाल में प्रभावित लोगों की सुरक्षा की कामना करते हुए प्रशासन को संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद कुशीनगर के नारायणी तटवर्ती क्षेत्रों में भी प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है
सभी अभियंताओं और कर्मचारियों की ड्यूटी गंडक पर बने बांधों पर लगा दी गई है। रात 10 बजे के बाद पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए हाईअलर्ट कर दिया गया है। जगह-जगह जेनरेटर लगाए जा रहे हैं ताकि पानी के वेग को देखते हुए बचाव के कार्य किए जा सकें।
नेपाल में सुबह आए बाढ़ का पानी बिहार के रास्ते होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगा। गंडक नदी तिब्बत-नेपाल सीमा के पास धौलागिरी पर्वत श्रेणी से निकलकर बिहार के हाजीपुर (पटना के पास) में गंगा नदी में मिलती है। यह उत्तर प्रदेश (महराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया) और बिहार (पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, सिवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली) के जिलों से होकर बहती है। उत्तर प्रदेश में यह नदी 40 किलोमीटर क्षेत्र में बहते हुए निकलती है।
कितना पानी, नहीं पता
सिंचाई विभाग के अभियंताओं का कहना है कि बाढ़ के साथ कितना पानी आ रहा है इसकी जानकारी किसी को नहीं है। इस पानी का वेग भी बहुत ज्यादा है। यदि नदी के साथ पानी का वेग कम नहीं हुआ तो समस्या बढ़ सकती है। इसे देखते हुए सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को भी पूरी जानकारी दे दी गई है।
छह लाख क्यूसेक पानी निकला था
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह ने कहा कि कुछ दिनों पहले गंडक नदी से छह लाख क्यूसेक पानी आसानी से निकाल दिया गया था। लेकिन जो पानी अब आ रहा है, उसके बारे में कोई अनुमान लगाना मुश्किल है। हम अलर्ट मोड में हैं। रात 10 बजे के बाद पानी उत्तर प्रदेश में आने की उम्मीद है। शाम तकरीबन चार बजे बिहार के देवघाट में पानी पहुंच चुका है।
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