गोरखपुर BRD में जाम कंधे को खोल रही सर्जरी, 12 रोगियों को मिला लाभ
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में फ्रोजन शोल्डर के 12 मरीजों को दूरबीन सर्जरी से लाभ मिला है। प्रोफेसर डॉ. ...और पढ़ें

बीआरडी मेडिकल कॉलेज। जागरण
HighLights
दूरबीन सर्जरी से जाम कंधे का सफल इलाज।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 12 मरीजों को लाभ।
दर्द से राहत, हाथ की गतिशीलता में सुधार।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कंधा जाम वाले रोगियों को जब फिजियोथेरेपी व दवाओं से राहत नहीं मिली तो सर्जरी का प्रयोग किया गया। सर्जरी के दूसरे दिन ही रोगियों का हाथ ऊपर उठने लगा और दर्द से राहत मिल गयी। अब तक 12 रोगियों को लाभ मिला है।
ऐसे रोगियों के लिए बीआरडी मेडिकल कालेज के अस्थि रोग विभाग में दूरबीन (आर्थ्रोस्कोपिक) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। प्रोफेसर डा. अमित मिश्रा के निर्देशन में इस पद्धति से न केवल मरीजों को दर्द से राहत मिल रही है, बल्कि इसे अध्ययन का हिस्सा भी बनाया गया है।
डा. अमित मिश्रा के अनुसार एडहेसिव कैप्सुलाइटिस, जिसे सामान्य तौर पर फ्रोजन शोल्डर कहा जाता है, कंधे की एक गंभीर समस्या है। इसमें कंधे के जोड़ के आसपास की कैप्सूल सिकुड़ जाती है, जिससे कंधे की गतिशीलता सीमित हो जाती है। रोगियों को लंबे समय तक दर्द, जकड़न और हाथ उठाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यह समस्या विशेष रूप से मधुमेह के मरीजों, चोट लगने अथवा लंबे समय तक कंधे के निष्क्रिय रहने पर अधिक देखी जाती है। अधिकांश मरीजों का उपचार दवाओं और फिजियोथेरेपी के माध्यम से किया जाता है। जिन रोगियों को इससे अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, उनके लिए आधुनिक आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक प्रभावी साबित हो रही है।
यह भी पढ़ें- UP में जनगणना का पहला चरण पूरा, 30 तक मोबाइल से नहीं हटाना होगा ऐप
इस विधि में छोटे चीरे के जरिए कैमरा और विशेष उपकरणों की मदद से कंधे के अंदर की जकड़न को दूर किया जाता है। इससे मरीजों को दर्द से राहत मिलने के साथ कंधे की कार्यक्षमता भी तेजी से वापस मिलती है। इस तकनीक के परिणामों का अध्ययन भी किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य उपचार की प्रभावशीलता, रोगियों की संतुष्टि और दीर्घकालिक परिणामों का मूल्यांकन करना है। अब तक प्राप्त प्रारंभिक निष्कर्ष उत्साहजनक रहे हैं। उपचार के बाद मरीजों में कंधे की गतिशीलता और जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
अध्ययन से प्राप्त निष्कर्ष भविष्य में फ्रोजन शोल्डर के उपचार संबंधी दिशा-निर्देशों को और अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित होंगे। अस्थि रोग विभाग मरीजों को अत्याधुनिक और साक्ष्य आधारित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। आधुनिक आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक फ्रोजन शोल्डर के जटिल मामलों में इलाज का प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है।
