गोरखपुर, जागरण संवाददाता। माहौल बदला तो गोरखपुर में निवेश आने लगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आकर यहां निवेश की संभावना तलाश रहे उद्यमियों के साथ अब विदेशी निवेश की संभावना भी बनने लगी है। यूनाइटेड किंगडम (यूके) का प्रतिनिधि मंडल वहां के राजनयिक एलन जेमेल के नेतृत्व में गोरखपुर पहुंच गया है। सोमवार को यह प्रतिनिधि मंडल टेराकोटा गांव औरंगाबाद में शिल्पकारों से मिलकर इस कला की बारीकियां देखेगा और निवेश की संभावना तलाशेगा। इसके बाद गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीडीए) में कुछ औद्योगिक इकाइयों का भ्रमण करेंगे और अधिकारियों से संवाद कर निवेश की संभावना तलाशेंगे।

योगी आदित्यनाथ के दोबारा सीएम बनने से बदली स्थिति

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद गोरखपुर सहित पूरे प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। सुरक्षा का भरोसा मिलने व आधारभूत संरचना बेहतर होने के साथ निवेशकों का आना शुरू हो गया। कभी उपेक्षा का शिकार रहा गीडा भी ग्रेटर नोएडा बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो चुका है। यहां बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है और कई बड़े निवेशक संपर्क में हैं। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद टेराकोटा को काफी बढ़ावा मिला है और शिल्पकारों को खूब आर्डर मिल रहे हैं।

गोरखपुर के टेराकोटा की भी ब्रिटेन में धूम

गोरखपुर के टेराकोटा शिल्पकार ने यूके यानी ब्रिटेन में भी अपनी कला का लोहा मनवाया था। अब वहां की टीम गोरखपुर में बारीकियां जानने आयी है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल की पहल पर एलन जेमेल अपनी टीम के साथ रविवार को गोरखपुर पहुंचे हैं। एलन ब्रिटिश काउंसिल इन इंडिया के निदेशक रह चुके हैं और वर्तमान में ब्रिटिश शासन की ओर से दक्षिण एशिया में ट्रेड कमिश्नर और ब्रिटिश हाई कमिश्नर फार वेस्टर्न इंडिया की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दक्षिण एशियाई देशों एवं यूके के बीच निवेश संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

अधिकारियों को विदेशी निवेश की उम्मीद

गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि यूके की टीम दौरा करेगी तो निश्चित ही यहां विदेशी निवेश की संभावना प्रबल होगी। जिस तरह से यहां सुविधाएं मिल रही हैं, उससे पूरी उम्मीद है कि विदेश से भी यहां निवेश आएगा। उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा ने बताया कि यूके की टीम गोरखपुर पहुंच गई है। सोमवार को टेराकोटा गांव में उनका भ्रमण होगा। वहां तीन इकाइयों में जाकर इस कला की बारीकियां समझेंगे। इस दौरे से निश्चित ही टेराकोटा को ओर आगे ले जाने में मदद मिलेगी।

Edited By: Pradeep Srivastava