गोरखपुर, जागरण संवाददाता। मार पीट कर प्राणघातक चोटें पहुंचाने व लूट करने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सोनौरा बुजुर्ग निवासी वीरेंद्र पाठक, बाल मुकुंद पाठक, संतोष पाठक, आशीष उर्फ कुलदीप पाठक, तथा संतोष पाठक को सात साल के कठोर कारावास एवं 21 हजार पांच सौ रुपया अर्थदंड से दंडित किया है।

गैस सिलेंडर को लेकर एजेंसी मालिक के साथ हुआ था विवाद

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रद्धानंद पांडेय एवं नितिन मिश्र का कहना था कि कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सोनौरा बुजुर्ग निवासी सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी एडवोकेट के लड़के इंद्रदेव चतुर्वेदी की उसके गांव में एक भारत गैस ग्रामीण वितरक के नाम से गैस एजेंसी है। 30 मार्च 2014 को आदित्य पाठक व निक्कू पाठक अपने सहयोगियों के साथ गैस एजेंसी पर इंडियन गैस का सिलेंडर लेकर आए। इंद्रदेव पाठक ने उन्हें भारत गैस का सिलेंडर लेकर आने को कहा। कुछ देर बाद वह लोग दूसरा सिलेंडर लेकर गांव के आठ दस लोगों के साथ एजेंसी पर आकर गाली देने लगे। परिवादी के लड़के ने सौ नंबर पर फोन कर दिया। पुलिस आई और दोनो पक्ष के लोगो का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। 31 मार्च 2014 को वादी कचहरी आ रहा था।

एजेंसी मालिक के अधिवक्‍ता पिता के साथ की थी मारपीट व लूट

सोनौली गोरखपुर सड़क पर ग्राम जरहद के पश्चिम सम्मय माता के स्थान पर पहुंचा। उसी समय अभियुक्तों ने उसकी मोटर साइकिल को रोककर गाली देते हुए जान मारने की नियत से गाड़ी से खींचकर सड़क के किनारे लेजाकर उसका गला दबाने लगे। इस बीच अभियुक्तों ने उसके जेब में रखे 2700 रुपये और कागजात लूट लिए।

फर्जी आइडी बनाकर धमकी देने वाले की जमानत अर्जी खारिज

फर्जी आईडी बनाकर इंस्टाग्राम पर फोटो वायरल करने की धमकी देने के आरोप में अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रकाश नारायण ने गोरखनाथ थाना क्षेत्र के चकसा हुसैन निवासी आरोपित अजहरुद्दीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

एयर होस्‍टेस बनाने का झांसा देकर युवती काे फंसया था जाल में

अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एचएन यादव एवं संजीत शाही का कहना था कि 17 जून 2021 को वादिनी के मोबाइल पर इंस्टाग्राम आईडी पायलट प्रिया से मैसेज आया। मैसेज में उससे एयर होस्टेस पद पर नियुक्ति के लिए अपना मार्कशीट,आधार कार्ड व फोटो भेजने के लिए कहा गया। वादिनी ने सभी दस्तावेज उक्त आईडी पर भेज दिए। बाद में आईडी फर्जी निकली और उधर से एक व्यक्ति का फोन वादिनी के मोबाइल पर आने लगा।कुछ दिन बाद उस फर्जी आईडी से आपत्तिजनक मैसेज आने लगा। आरोपित फोटो वायरल करने की धमकी देकर वादिनी को ब्लैकमेल करने लगा।दौरान विवेचना अभियुक्त का नाम प्रकाश में आया।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi