गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के बांसगांव के चतुरबनदुआरी में पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों से मारपीट करने और गोली चलाने के आरोप में पुलिस ने नौ लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया है। छह आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। तीन अन्य की तलाश की जा रही है।

बोलेरो सवार एक हजार रुपये का डीजल भरवाने के बाद बिना भुगतान किए ही जाने लगे। सेल्समैन ने उनसे रुपये मांगे तो बोलेरो सवार गाली-गलौज करने लगे। पंप के अन्य कर्मचारियों के जुटने पर बोलेरो सवारों ने फोन कर कुछ और लोगों को बुला लिया। उन्होंने पंप कर्मचारियों की पिटाई शुरू कर दी। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हुए तो बोलेरो सवार गोली चलाते हुए वहां से फरार हो गए। यह सारी घटना पंप पर लगे सीसी टीवी कैमरे में रिकार्ड हो गई थी। फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान कर पंप के प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा ने नामजद मुकदमा दर्ज कराया।

पुलिस ने आरोपितों में से बांसगांव निवासी अंकुर सिंह, किशन सिंह, भोलू सिंह, टोनू सिंह, राहुल सिंह तथा सूरज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बांसगांव के ही आदित्य सिंह, रौनक सिंह और प्रवीण सिंह की अभी तलाश की जा रही है। उनके विरुद्ध बलवा, मारपीट और हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज है।

बड़े जानवरों का मीट बेचने के आरोप में पांच गिरफ्तार

अवैध रूप से बड़े जानवरों को काटकर मीट बेचने के आरोप में गोरखपुर के तिवारीपुर पुलिस ने पांच को गिरफ्तार किया है। गुरुवार को उन्हें जाफरा बाजार, कसाई टोले से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर दो पड़वे और जानवरों को काटने में प्रयुक्त होने वाला चापड़ तथा कुल्हाड़ी बरामद की गई है। अभियुक्तों की पहचान जाफरा बाजार, तिवारीपुर निवासी मिंकू उर्फ शहनवाज, रसूलपुर (दशहरी बाग), गोरखनाथ निवासी इकबाल अहमद, बहराइच जिले के कोतवाली क्षेत्र निवासी नूर आलम, जाफरा बाजार कसाई टोला, तिवारीपुर निवासी एजाज अहमद और रसूलपुर, गोरखनाथ निवासी साहेब आलम के रूप में हुई है।

तिवारीपुर थानेदार ने बताया कि जाफरा बाजार में अवैध रूप से बड़े जानवरों को काटकर मीट बेचे जाने की सूचना मिल रही थी। छानबीन में इसकी पुष्टि होने के बाद इस रैकेट में शामिल लोगों की तलाश की जा रही थी। गुरुवार को उनके जाफरा बाजार कसाई टोले में मौजूद होने की सूचना पर घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। पशु क्रूरता अधिनियम के तहत उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया था। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में उन्हें जेल भेज दिया गया है।

जमानत दाखिल कर रिहा हुए नगर आयुक्त

इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी वारंट के अनुपालन में गोरखपुर के नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने सीजेएम यास्मीन अकबर की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर उनके जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए उन्हें बीस हजार की दो जमानतें और इतनी ही धनराशि के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट में लंबित सिविल प्रकीर्ण रिट पिटीशन नम्बर 31710/2018 मे. बसन्त शुक्ला व अन्य बनाम स्टेट आफ यूपी में उनके खिलाफ हाईकोर्ट ने जमानतीय वारंट जारी करते हुए हाईकोर्ट के समक्ष 29 मार्च को उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। उसी आदेश के अनुपालन में नगर आयुक्त ने सीजेएम की कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत कराई।

Posted By: Pradeep Srivastava

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