गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गरीब को न्याय नहीं मिलता इसका उदाहरण संतकबीरनगर जिले में बखिरा थाना क्षेत्र के शिवबखरी निवासी बहरैची है। इनकी मौत पुलिस की अभिरक्षा में हुई थी। घटना हुए पांच माह बीत चुके हैं। स्वजन न्याय की आस लगाए बैठे हैं और जांच की फाइल अभी तक एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी है। बहरैची को थाने के लाकअप में पीट-पीटकर मार डाला गया था। इस मामले में थानेदार समेत सात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। सभी आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं। इस बीच मामला खत्म न करने पर परिवार को समाप्त करने की धमकी दे रहे हैं।

क्या था मामला

शिवबखरी निवासी बुजुर्ग बहरैची को बीते 27 अगस्त की शाम बखिरा पुलिस बिना किसी मुकदमे के थाने लाई थी। उनके बेटे पर गांव की एक युवती को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप था। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें थाने लाकर बेरहमी से पीटा। इससे उनकी हालत गंभीर होने पर पुलिस कर्मी इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल के गेट पर उन्हें छोड़कर पुलिस कर्मी भाग निकले। चिकित्सकों ने जांच के बाद बहरैची को मृत घोषित कर दिया। मामला तूल पकड़ने लगा तो बखिरा के तत्कालीन थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह समेत सात पर एक सप्ताह बाद हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। अभी तक मामले में न तो कोई गिरफ्तारी हो सकी है और न ही मृतक के स्वजन को कोई जानकारी ही दी गई।

मिल रही धमकी, परेशान हैं स्वजन

मृतक बहरैची के पुत्र संजय, अशोक और कुंदन तथा पत्नी दुर्गावती का आरोप है कि पुलिस कर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने से मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है। कई लोग धमकी देकर बयान बदलने का दबाव भी बना रहे हैं। इससे पूरा परिवार भयभीत है। सभी ने आरोप लगाया कि गलत ढंग से बहरैची का मृत्यु का प्रमाणपत्र भी जारी करवा लिया गया है। इसमें उनकी मौत घर पर ही होने की बात दर्शाई गई है। जबकि उनकी मौत थाने के लाकअप में हुई है। बखिरा के थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि उनके स्तर से बहरैची की हत्या के मामले की जांच नहीं की जा रही है। मामले की विवेचना सीओ स्तर से हो रही है। इस कारण वह कुछ भी कहने में असमर्थ हैं।

चल रही मामले की जांच

पुलिस क्षेत्राधिकारी अंबरीश भदौरिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। बहरैची के परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। अभी तक कोई सबूत नहीं मिल पाया है, जिसके चलते किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। घटना की नए सिरे से जांच शुरू की गई है।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi