गोरखपुर, जेएनएन। त्योहारों में घर वापस आ रहे लोग कोरोना लेकर आ रहे हैं। बुखार, जुकाम और खांसी को हल्के में ले रहे यह लोग खुद तो कोरोना की चपेट में आ ही रहे हैं, परिवार के सदस्यों को भी पाजिटिव बना दे रहे हैं। बचाव के नियमों का पालन न करने के कारण परिवार के वह बुजुर्ग और बच्चे भी चपेट में आ रहे हैं, जो घर से बाहर भी नहीं निकलते हैं।

ये दो मामला आया प्रकाश में

पार्क रोड निवासी युवक दिल्ली में नौकरी करता है। दशहरा से पहले वह घर लौटा तो अचानक बुखार हो गया। घर वालों ने यात्रा की थकान समझकर बुखार की दवा खिला दी, लेकिन दो दिन बाद गले में खराश होने लगी, तो कोरोना जांच कराई। रिपोर्ट पाजिटिव आयी। अब युवक का पूरा परिवार व उससे मिलने आए रिश्तेदार भी पाजिटिव हो गए हैं। राप्तीनगर क्षेत्र निवासी युवक दशहरा की छुट्टी में पत्नी के साथ बेंगलुरू से वापस आए थे। युवक को बेंगलुरू से ही बुखार की शिकायत थी, लेकिन उसने गंभीरता से नहीं लिया। आसपास की दुकानों से बुखार की दवा लेता रहा। परिवार के दूसरे लोगों को बुखार हुआ, तो कोरोना की जांच कराई गई। अब पूरे परिवार की रिपोर्ट पाजिटिव आयी है।

शारीरिक दूरी व मास्क नहीं लगा रहे

कोरोना से बचाव के लिए जब तक सख्ती थी, लोग शारीरिक दूरी का पालन करते हुए मास्क लगा रहे थे, लेकिन अब ज्यादातर लोग बिना मास्क और शारीरिक दूरी के घूम रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में तो बुरा हाल है।

स्वास्थ्य विभाग बाजारों में लगा रहा शिविर

कोरोना दोबारा लौटने की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य आधारित नमूना लेने का अभियान शुरू किया है। गुरुवार को अभियान के पहले दिन आटो चालकों की जांच की गई। सीएमओ डा. श्रीकांत तिवारी के अनुसार त्योहार में बाहर से आने वालों की संख्या बढ़ेगी। जिन लोगों में बुखार, जुकाम और खांसी के लक्षण हैं, वह अपनी कोरोना जांच जरूर करा लें। रिपोर्ट के आधार पर ही घर जाएं। ऐसे लोग पूरे परिवार और समाज के लिए नजीर बनेंगे। 24 घंटे कोरोना जांच की सुविधा उपलब्ध हो गई है।

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