गोरखपुर,जेएनएन। जनगणना और आर्थिक गणना के बाद अब ईज आफ लिविंग सर्वे कराएगी सरकार। इसमें आम आदमी का जीवन सुगम और आसान बनाने वाले उपायों और सुविधाओं की पड़ताल भी की जाएगी। सर्वे के जरिए सरकार केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के धरातल पर हुए क्रियान्वयन और अफसरों की भूमिका को आसानी से जान जाएगी। सरकार के इस कदम से विकासपरक योजनाओं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के दिल की धड़कन बढ़ गई है।

सर्वे में यह रहेगा शामिल

सर्वे का आधार सामाजिक, आर्थिक और जाति गणना 2011 भी शामिल होगा। इसमें शामिल गरीब परिवारों के लिए चलाई गई आवास,पेंशन,आयुष्मान भारत,सौभाग्य योजना, उज्जवला योजना,स्वच्छ भारत मिशन,पोषण मिशन के अलावा बीमा,शिक्षा, टीकाकरण, रोजगार, स्वयं सहायता समूह, कौशल विकास और बैंक खाते के बारे में जानकारी की जाएगी। सर्वेक्षण का यह कार्य आनलाइन होगा। इसके लिए मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया गया है।

गांव-गांव जाएंगे कर्मचारी

सर्वें में लगे कर्मचारी गांव-गांव,घर-घर जाएंगे और प्रश्नावली लेकर परिवार के मुखिया से सवालों का जवाब पूछेंगे और उसे आनलाइन ही फीड करेंगे। सर्वेक्षण के प्रगति की निगरानी वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। इस तरह 16 बिदुओं पर आधारित 36 प्रश्नों के माध्यम से गरीबों के जीवन स्तर का परीक्षण किया जाएगा। योजनाओं से आच्छादित हो चुके लोग आगे चलकर इन योजनाओं की सूची से बाहर कर दिए जाएंगे। इसी आधार पर आगे की योजनाएं भी तैयार करने में सरकार को मदद मिलेगी। इज आफ लिविंग सर्वे के लिए खंड विकास अधिकारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है।

प्रशिक्षति हो रहे कर्मचारी

बस्‍ती जिले के मुख्‍य विकास अधिकारी अनविंद कुमार पांडेय का कहना है कि खंड विकास अधिकारी कंप्यूटर आपरेटरों के साथ ही सर्वे में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। सर्वें कार्य की निगरानी जिला विकास अधिकारी और संबंधित खंड विकास अधिकारी द्वारा की जाएगी। सर्वे के जरिए गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं से उनके जीवन स्तर में आए बदलाव के बारे में पता लगाया जाएगा।

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