सिद्धार्थनगर, जागरण संवाददाता। आतंकवाद निरोधी दस्ता(एटीएस) की जांच में शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के अतरी निवासी अनीसुर्र रहमान के पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) से जुड़े होने के प्रमाण नहीं मिले हैं। दो दिनों की लंबी पूछताछ के बाद एटीएस ने उसे शनिवार को छोड़ दिया। अनीसुर्र ने बताया कि एटीएस ने उन्हें पीएफआइ से जुड़े होने के संदेह में उठाया था, लेकिन जब कोई साक्ष्य नहीं मिला तो उन्हें छोड़ दिया गया। बता दें कि गुरुवार की देर रात एटीएस व आइबी की संयुक्त छापेमारी में अनीसुर्र रहमान को हिरासत में लिया गया था।

पीएफआइ का संदिग्ध कार्यकर्ता होने के संदेह में उठाया गया था अनीसुर्र

शनिवार को एटीएस की टीम ने अनीसुर्र रहमान को शोहरतगढ़ थाने पर छोड़ दिया। शोहरतगढ़ थाना पुलिस ने उन्हें उनके घर पहुंचाया और उनके स्वजन को सौंप दिया। अनीसुर्र के घर पहुंचने के बाद उनके स्वजन ने राहत की सांस ली। अनीसुर्र ने बताया कि वह राजगीर का काम करते हैं। दो दिन पूर्व उन्हें उनके घर से पुलिस वाले उठा ले गए थे। उसके बाद से ही उनके घरवाले परेशान थे। उनके पिता अतीकुर्र रहमान ने बताया कि उनके भरोसे की जीत हुई है। उन्हें पता था कि उनका बेटा कोई गलत काम नहीं करेगा।

एटीएस ने इसलिए उठाया था

अनीसुर्र ने बताया कि पुलिस वालों ने उन्हें संदेह के आधार पर पकड़ा था। उन्होंने उनकी धार्मिक पुस्तकें भी लेकर छानबीन की। वह पहले उन्हें पूछताछ के लिए गोरखपुर लेकर गए। वहां से वह उन्हें लेकर लखनऊ निकल गए थे। उन्होंने बताया कि उनकी पहले गांव के राशिद से बातचीत होती थी। राशिद को पीएफआइ से जुड़े होने के आरोप में डेढ़ वर्ष पूर्व एसटीएफ लखनऊ व बस्ती पुलिस ने गिरफ्तार किया था। राशिद के विरुद्ध बस्ती कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज है। अनीसुर्र ने बताया कि उन्होंने राशिद के घर पर चार-पांच माह काम किया था। इस लिए वह उस दौरान उसके संपर्क में रहे, लेकिन जब पुलिस ने उसे पकड़ लिया तो उन्होंने उससे अपना संपर्क तोड़ लिया। उन्होंने बताया कि राशिद के जेल जाने के बाद से उनकी उससे कोई बात नहीं हुई है।

एटीएस की जांच में अनीसुर्र के पीएफआइ से जुड़े होने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। एटीएस की टीम ने उन्हें दोपहर में थाने पर छोड़ दिया। उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया। - पंकज कुमार पाण्डेय, प्रभारी निरीक्षक शोहरतगढ़।

Edited By: Pradeep Srivastava

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