गोरखपुर, काशिफ अली। कोरोना काल में लंबे लाकडाउन से दिहाड़ी मजदूरों और छोटे कारोबारियों पर पड़ी तगड़ी मार से कोई नहीं बचा। काम छूटा, कारोबार टूटा लेकिन कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने अपनी दौड़ती जिंदगी में लोगों को साथ ले लिया है। ऐसे एक शख्स हैं जाहिदाबाद के मोईन अख्तर। स्कूल ड्रेस का कपड़ा बुनकरों से लेने की बाध्यता के बीच 50 पावरलूम के मालिक अख्तर की फर्म को कपड़े का आर्डर मिला तो उन्होंने 150 बुनकरों को अपने साथ जोड़ कर आर्डर लिया। दो महीने में ड्रेस मैटीरियल तैयार कर दे दिया। बुनकरों को नगद भुगतान किया और इस लड़ाई में वह हारे नहीं। अख्तर ने सारा आर्डर खुद न रखकर बुनकरों के बीच भी बांटा है और बुनकरों को आगे भी दिक्कत न हो, इसके लिए आर्डर बढ़ाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक लाख मीटर कपड़ा तैयार करने का मिला था ठेका

आर्थिक तंगी का सामाना कर रहे बुनकरों के उत्थान के लिए शासन ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत 12 ब्लाकों के सरकारी स्कूल के बच्चों के लिए ड्रेस का कपड़ा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। गोरखपुर के बुनकरों को तीन लाख मीटर शूटिंग का कपड़ा तैयार करना है। टेक्सटाइल कमेटी के विशेषज्ञों ने पावरलूम में तैयार कपड़ों की गुणवत्ता परखने के गोरखपुर के अमन सिंथेथिक एवं मेसर्स अंबर इंटर प्राइजेज को एक-एक लाख मीटर तथा इंडियन टेक्सटाइल एवं एसएच टेक्सटाइल को 50-50 हजार मीटर कपड़ा तैयार करने की जिम्मेदारी मिली। विभाग से मशवरा करने के बाद अमन सिंथेथिक के मोईन अख्तर ने उन बुनकरों को साथ जोड़ा जिनका पावरलूम काम के अभाव में बंद पड़ा था। सईद जफर अंसारी, नदीम अरशद, हमजा अंसारी, रजीउल हसन, इमाममुद्दीन अंसारी एवं करीम अहमद अंसारी ने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से पावरलूम बेचने को सोच रहे थे, तभी मोईन अख्तर उम्मीद की किरन बनकर जिंदगी में आए। उन्होंने न सिर्फ काम दिया, बल्कि तैयार माल का नगद भुगतान भी किया। उन्हीं की कोशिशों से हमारी जिंदगी दोबारा पटरी पर लौटी।

छोटे बुनकरों के पास काम नहीं रहेगा तो सैकड़ों परिवार सड़क पर आ जाएगा। सरकार अगर 12 ब्लाकों की जगह पूरे प्रदेश के लिए ड्रेस मैटीरियल बुनकरों से लें तो उनकी जिंदगी बदल जाएगी। - मोईन अख्तर

इन ब्लाकों में होगी ड्रेस की आपूर्ति

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को बीकापुर (अयोध्या), जलालपुर (आंबेडकरनगर), कैंपियरगंज (गोरखपुर), फतेहपुर मंडराव (मऊ), अहिरौला (आजमगढ़), आराजी लाइन (वाराणसी), राजपुरा (मेरठ), दादरी (गौतमबुद्ध नगर) के विकास खंडों के सभी विद्यालयों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्कूल ड्रेस आपूॢत की जानी है।

एक नजर आंकड़ों पर

गोरखपुर में पावरलूम बुनकर - 17422

पावरलूम की संख्या - 3292

हथकरघा की संख्या - 253

बुनकर बाहुल्य क्षेत्र

गोरखनाथ, पुराना गोरखपुर, रसूलपुर, अजयनगर, हुमायूंपुर, जाहिदाबाद, नथमलपुर, पिपरापुर, इलाहीबाग, बख्तियार मोहल्ला, नौरंगाबाद।

यहां तैयार होने वाले उत्पाद

पैंट का कपड़ा, डिजाइनर चादर, गमछा, ड्रेस, वर्दी, टोपी, पर्दा, मेजपोश आदि।

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