गोरखपुर, जेएनएन : जेठ की दुपहरी उमस के लिए मशहूर है। जेठ माह के 11 दिन गुजर जाने के बाद रविवार दोपहर 12 बजे से करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पछुआ हवाएं चलनी शुरू हो गईं, लेकिन लोगों को उमस से राहत नहीं मिल सकी। नमी और धूप की जुगलबंदी दोपहर को तमतमा दे रही है। ऐसे में रात का तापमान भी दोपहर से कम नहीं है। दिन व रात दोनों सामान्‍य जनजीवन को बेचैनी दे रहे हैं। इस बीच राहत की खबर यह है कि इस मौसम में 12 से 15 जून के बीच आने वाले संभावित मानसून की बौछारें पड़ेंगी, लेकिन उसके दो दिन पहले प्री मानसून भी दस्‍तक दे देगा।

45 डिग्री तक महसूस की गई गर्मी

शनिवार के दिन का अधिकतम तापमान भले 37 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा, लेकिन हीट इंडेक्‍स के चलते लोगों ने 45 डिग्री तक गर्मी महसूस की। गर्मी से उबल रहे लोगों को रविवार को भी कोई राहत नहीं मिली। रात का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा। इससे लोगों ने रात में भी बेचैनी महसूस की। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने पूर्वानुमान जताया है कि पछुआ हवा की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है, लेकिन संभावित अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस के करीब होने के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। यह स्थिति सोमवार को भी रहेगी।

मंगलवार व बुधवार को हो सकती है हल्‍की बूंदाबांदी

मंगलवार व बुधवार को हल्‍की बूंदाबांदी होगी और गुरुवार से प्री-मानसून की बौछारे पड़ने की उम्‍मीद है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। संभावना जतायी जा रही है कि 10 व 11 जून को 10 से 15 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ आगामी 12 से 15 जून के बीच मानसून की इंट्री का अनुमान लगा रहे हैं, इससे मौसम का मिजाज बदलेगा। हालांकि उस दौरान अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है, लेकिन लोगों को गर्मी अखरेगी नहीं।

Edited By: Rahul Srivastava