गोरखपुर, जेएनएन। पोर्टल की तकनीकी खामियां तो लोगों को परेशान कर ही रही हैं। लोग स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का भी दंश झेल रहे हैं। रजिस्ट्रेशन कराने वाले अनेक लोगों के मोबाइल नंबर पोर्टल पर गलत रूप में अंकित हो गए हैं, जिसकी वजह से पहली डोज लगवाने के बाद भी उनका कोई रिकार्ड पोर्टल पर नजर नहीं आ रहा। ऐसे में दूसरी डोज लगवाने में उन्हें दिक्कत आ रही है। जिन्होंने दूसरी डोज भी लगवा ली, वह गलत मोबाइल नंबर की वजह से टीकाकरण का प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि मैसेज उनके पास न आकर, पोर्टल पर फीड हुए नंबर पर जा रहे हैं।

ढाई सौ लोगों की पहली डोज पोर्टल पर नहीं

ऐसे लगभग ढाई सौ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की है। उन्होंने मई में कोवैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। जब वे 28 दिन बाद दूसरी डोज लगवाने पहुंचे तो उनकी पहली डोज पोर्टल पर शो नहीं कर रही थी। इसलिए वैक्सीनेटर ने दूसरी डोज लगाने से मना कर दिया। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जिनको दूसरी डोज लग गई है लेकिन उनके पास मैसेज नहीं आया। इस वजह से वे प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं। जब वे सीएमओ कार्यालय के पीछे बने कोल्ड चेन प्वाइंट पर गए तो पता चला कि उनके मोबाइल नंबर पर किसी और टीका लगा है। रजिस्ट्रेशन करने वाले स्वास्थ्य कर्मी ने उनका मोबाइल नंबर किसी और के नाम से डाल दिया है। अब पुन: उस नंबर पर रजिस्ट्रेशन हो नहीं सकता। इसलिए कर्मचारी दूसरा मोबाइल नंबर मांगकर फिर से रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं और एक माह बाद दूसरी डोज लगवाने के लिए कह रहे हैं। जिसके पास दूसरा मोबाइल नंबर नहीं है, उसके सामने दिक्कतें बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही से बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं।

निकाला जा रहा रास्‍ता

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. एनके पांडेय का कहना है कि ऐसी समस्याएं आई हैं। उनका समाधान किया जा रहा है। अब पोर्टल में बैक डेट में भी सत्यापन करने का विकल्प मिल गया है। इस वजह पहली डोज का बैक डेट में और दूसरी डोज का तत्काल सत्यापन कर उनको टीका लगा दिया जा रहा है। दूसरी डोज लगवा चुके लोगों के प्रमाण पत्र के लिए भी रास्ता निकाला जा रहा है।

Edited By: Satish Chand Shukla