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    SIR In UP: यूपी में वोटर लिस्ट में नाम पक्का, गणना प्रपत्र करें जमा 

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 07:43 AM (IST)

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में 51% डिजिटाइजेशन पूरा हो गया है। गणना प्रपत्र भरकर देने पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होगा, भले ही 2003 की जानकारी न हो। अंतिम तिथि का इंतजार न करें, बीएलओ को श्रेणी एडिट करने का अधिकार दिया गया है। नागरिक ऑनलाइन भी प्रपत्र जमा कर सकते हैं। गणना प्रपत्र भरने में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है।

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    गोरखपुर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम दीपक मीणा। जागरण

    जागरण संवाददाता, गोरखपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गति देने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम दीपक मीणा ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता कर अब तक की प्रगति, चुनौतियों और आगे की कार्ययोजना पर विस्तृत जानकारी दी।

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    उन्होंने बताया कि जिले में 51 प्रतिशत गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया गया है। बाकी बचे सात दिनों में 49 प्रतिशत और फीडिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा।

    उन्होंने गणना प्रपत्र वापस करने पर जोर देते हुए दावा किया कि जो भी मतदाता, गणना प्रपत्र भरकर वापस बीएलओ को दे देगा, उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज हो जाएगा। भले ही वह गणना प्रपत्र में 2003 से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करता है या नहीं।

    डीएम ने स्पष्ट किया कि एसआइआर अभियान का मकसद किसी मतदाता का नाम काटना नहीं बल्कि मृतक, शिफ्टेड और डबल एंट्री वाले मतदाताओं का ही नाम हटाना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि अंतिम तिथि चार दिसंबर का इंतजार न करें। इससे बीएलओ पर भार बहुत बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि गणना प्रपत्र वापस करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर मतदाता सूची से नाम कट जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यदि गणना प्रपत्र अधूरा भी जमा करते हैं तो मतदाता सूची में नाम आ जाएगा। यदि किसी पहचान की जरूरत पड़ेगी तो नोटिस जाने के बाद उसे आसानी से जमा किया जा सकता है।

    उन्होंने बताया कि अब बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को एप में मतदाताओं की श्रेणी एडिट करने का भी आयोग ने अधिकार दे दिया है। इससे यदि कोई मतदाता गणना प्रपत्र में वर्ष 2003 का विवरण नहीं दर्ज कर पाता है तो बीएलओ बाद में भी विवरण उपलब्ध कराने पर उसे तीसरी श्रेणी (अनट्रेस/नाट वेरीफाई) से हटाकर पहली श्रेणी में दर्ज कर देगा यानी ऐसे मतदाता जिनका नाम वर्ष 20025 और 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है।

    डीएम ने बताया कि 'ईसीआइ नेट एप' के माध्यम से नागरिक घर बैठे गणना प्रपत्र भरकर ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं। इस एप पर 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध है, जिससे परिवार अपने पुराने विवरण जैसे माता–पिता का नाम, भाग संख्या और बूथ संख्या आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे फार्म-6 भरकर नाम जोड़ें। फार्म-6 की सुविधा बीएलओ के पास भी उपलब्ध है।

    उन्होंने बताया कि 2003 के बाद विवाह कर अन्य परिवार में गई महिलाओं को पंजीयन करते समय अपने माता-पिता का नाम, 2003 की सूची में दर्ज भाग संख्या और क्रम संख्या भरना होगा। बाद में पता या अन्य संशोधन के लिए वे फार्म-8 का उपयोग कर सकती हैं।

    डीएम ने यह भी कहा कि जिन लोगों को दो स्थानों से गणना प्रपत्र मिले हैं, वे केवल एक स्थान पर सही विवरण जमा करें, और दूसरे स्थान के बीएलओ को सरल आवेदन देकर सूचित कर दें। आवेदन की रिसीविंग लेना न भूलें।

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    काउंटडाउन शुरू, तेजी से भरवाएं और फीड करें गणना प्रपत्र: डीएम
    गोरखपुर। एसआइआर अभियान को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम दीपक मीणा ने शुक्रवार को नगर निगम सदन हाल में समीक्षा बैठक की। उन्होंने बीएलओ को निर्देशित किया कि तेजी से एसआइआर गणना प्रपत्र भरवाए और उसका डिजिटाइजेशन करें। उन्होंने कहा कि काउंटडाउन शुरू हो गया है। अब सिर्फ सात दिन रह गया है। ऐसे में तय समय के भीतर बाकी बचे लक्ष्य को पूरा करना सुनिश्चित करें। कहा कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।

    बैठक में नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, जीडीए के ओएसडी प्रखर वर्मा, एसीएम प्रथम प्रशांत वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    डीएम ने बताया कि नगर निगम, गीडा और जीडीए के सहयोग से पूरे शहरी क्षेत्र में प्रपत्र भरवाने का कार्य तेजी से हो रहा है। तीनों एजेंसियों के कार्मिक बीएलओ की भूमिका में तैनात हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि घर-घर संपर्क, बूथ स्तर पर मार्गदर्शन और जानकारी उपलब्ध कराकर अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।