गोरखपुर, जेएनएन। बिजली निगम का बिजली थाना (एंटी पॉवर थेफ्ट पुलिस थाना) गुरुवार को खुल गया। स्वतंत्रता दिवस पर चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह ने बिजली थाना का उदघाटन किया। अब बिजली चोरी के सभी मामलों में इसी थाने में एफआइआर कराई जाएगी। दो साल से बिजली थाना खोलने की कवायद चल रही थी। मोहद्दीपुर स्थित विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता के पुराने कार्यालय में थाना खोला गया है।
एफआइआर के बाद जाच की प्रक्रिया भी यहीं पूरी होगी। साथ ही छापेमारी के पहले लोकल पुलिस पर निर्भरता भी खत्म हो जाएगी। इससे बिजली चोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा सकेगा। इस दौरान अधीक्षण अभियंता शहर यूसी वर्मा, अधीक्षण अभियंता ग्रामीण आईडी त्रिपाठी, एमके गौड़ आदि मौजूद रहे। गुजरात में सफलतापूर्वक चल रहे थाने गुजरात में बिजली थाना बनाने के बाद चोरों के खिलाफ कार्यवाही में आसानी हुई है।
बिजली चोरी पर शिकंजा कसने का परिणाम है कि गुजरात में लाइनलॉस में भी कमी आई है। बिजली थाने पर इनकी हुई तैनाती इंस्पेक्टर- एक सब इंस्पेक्टर- पाच सिपाही- 15 थानों में दर्ज बिजली चोरी के मामले की फाइल मंगाई जाएगी चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह का इस संबंध में कहना है कि गुरुवार को स्वतंत्रता दिवस पर बिजली थाना शुरू हो गया।
पहले से दर्ज एफआइआर थानों से यहीं मंगाई जाएगी। बिजली थाना खुलने से अब एफआइआर और विवेचना भी जल्द से जल्द पूरी की जाएगी। पुलिस थानों में पहले से ही इतने ज्यादा मामले होते हैं कि बिजली चोरी की जाच में विलंब हो जाता है। कार्यवाही न हो पाने के कारण राजस्व वसूली पर भी असर पड़ता है।