सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के शिल्पी थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : स्वतंत्र देव

देवरिया: जलशक्ति मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के शिल्पी थे। उनका मानना था कि जनभागीदारी के बिना कोई भी देश प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने राष्ट्र के पुनर्निर्माण में पूरा जीवन समर्पित किया। जल शक्ति मंत्री बुधवार को टाउनहाल स्थित आडिटोरियम में भाजपा की तरफ से आयोजित डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 121वीं जयंती पर डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यक्तित्व एवं कृतित्व पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डा. मुखर्जी ने एक देश में दो विधान दो निशान व दो प्रधान नहीं चलेंगे का नारे दिया था। उन्होंने संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 समाप्त कर उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देवरहा बाबा, अमर बलिदानी रामचंद्र विद्यार्थी को याद किया। सांसद डा. रमापतिराम त्रिपाठी ने कहा कि डा. मुखर्जी ने अपना पूरा जीवन बिना किसी स्वार्थ के राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि वह असाधारण प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। उन्होंने राष्ट्रवादी विचारधारा को जगाने का काम किया। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष भाजपा डा. धर्मेन्द्र सिंह ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह व संचालन प्रमोद शाही ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष पं. गिरीश तिवारी, एमएलसी डा. रतनपाल सिंह, विधायक जयप्रकाश निषाद, डा. शलभमणि त्रिपाठी, दीपक मिश्रा शाका, सुरेन्द्र चौरसिया, जिला प्रभारी सुनील गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह, पूर्व एमएलसी महेन्द्र यादव, विजय दुबे, राजेन्द्र मल्ल, मारकंडेय शाही, छठ्ठेलाल निगम, अजय शाही, अभय नाथ त्रिपाठी, अजय दूबे, रमेश सिंह, राजेश मिश्रा, जितेंद्र प्रताप राव, भूपेंद्र सिंह, अजय उपाध्याय, अमित मोदनवाल, पवन मिश्र, भारती शर्मा, प्रवीण मल्ल, नीरज शाही, राधेश्याम शुक्ला, संजय पांडेय, भानु प्रताप सिंह, प्रेम अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल आदि मौजूद रहे।

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