गोरखपुर, जागरण संवाददाता। कानपुर के कारोबारी मनीष की पत्नी मीनाक्षी और उसके परिवार के लोगों पर मुकदमा दर्ज न करने का दबाव बनाया जा रहा था। मेडिकल कालेज चौकी में बातचीत के दौरान डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी डा. विपिन ताडा का वीडियो वायरल हुआ है।जिसमें दोनों अधिकारी पीड़ित परिवार को केस न दर्ज कराने की सलाह देते देखे जा रहे हैं।

समाजवादी पार्टी ने वीडियो ट्वीट कर सरकार पर साधा निशाना

बीआरडी मेडिकल कालेज पुलिस चौकी में बातचीत के दौरान बनाए गए एक मिनट का वीडियो बुधवार को वायरल होते ही हड़कंप मच गया है।समाजवादी पार्टी ने अपने ट्वीटर हैंडल से वीडियो ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा।वायरल वीडियो में डीएम यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि मैं आपके भाई की तरह हूं। एक बार मुकदमा दर्ज होने जाने के बाद आपको अंदाजा नहीं है कि सालों कोर्ट में चक्कर काटना पड़ेगा। इससे किसी को कुछ भी हासिल नहीं होता। सालों बीत जाएंगे चक्कर लगाते।

जबकि एसएसपी कहते हुए नजर आ रहे हैं कि पुलिस वालों की मनीष से कोई दुश्मनी नहीं थी जो वो ऐसा करेंगे। आपके कहने पर मैंने उन्हें सस्पेंड कर दिया और तब तक बहाल नहीं होंगे, जब तक इस मामले की जांच पूरी न हो जाए।वीडियो के आखिरी में दिख रहा है कि डीएम और एसएसपी मोबाइल लेकर बैठी महिला को वीडियो बनाने से रोक रहे हैं।

मेरे आदेश पर ही आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।पीडि़त परिवार को मुआवजा मिला है।पीडि़त परिवार के साथ एक से डेढ़ घंटे बातचीत चली थी।वीडियो देखे बिना कुछ कहा नहीं जा सकता। - डा. विपिन ताडा।

इंटरनेट मीडिया पर भी झलक रहा निरीक्षक के विरुद्ध आक्रोश

मनीष हत्याकांड को लेकर इंटरनेट मीडिया पर लोगों का आक्रोश झलक रहा है। लोग हत्यारोपित पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर लोगों का कहना है कि इस घटनाक्रम से लोगों का पुलिस से भरोसा टूटा है। लोग निरीक्षक को जगत नारायण की बजाय अन्य नामों से संबोधित करते नजर आ रहे हैं।

सीन रिक्रिएट कराएगी पुलिस

एसएसपी ने घटना की जांच एसपी नार्थ मनोज अवस्थी को सौंपी थी। एसपी नार्थ का का कहना है कि घटना को लेकर सीन रिक्रिएशन भी कराया जाएगा।

गोरखपुर पुलिस पर भरोसा नहीं सीबीआई से हो जांच

कानपुर मनीष गुप्ता की हत्या को लेकर जांच में जुटी गोरखपुर पुलिस पर मनीष की पत्नी मीनाक्षी को भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा है कि जहां पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने से आनाकानी करती रही। वह हत्यारोपित पुलिस कर्मियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है, मामले की जांच क्या करेगी, आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है। मीनाक्षी के अधिवक्ता आदित्य धर द्विवेदी ने बुधवार को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग की है कि मामले की जांच सीबीआई, मानवाधिकार आयोग जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से कराई जाए। ताकि हत्यारोपितों को कठोर दंड मिल सके। मीनाक्षी के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग की है कि वह गोरखपुर एसएसपी को घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज सहित न्यायालय में तलब करें और घटना की जांच उच्च न्यायालय अपने अधीन कराए। इसके अलावा भी न्यायालय को कुछ अपने स्तर से जरूरी लगे तो वह इसके लिए आदेश जारी करे।

प्रियंका गांधी ने भी किया ट्वीट

रामगढ़ताल पुलिस की पिटाई से कानपुर के कारोबारी के मौत को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाडरा ने भी ट्वीट करके सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने अपने ट्विटर पोस्ट में कहा है कि पुलिस अपराधियों पर नर्म रहती है और आमजनों से बर्बर व्यवहार करती है। उन्होंने घटना की निंदा की है।

Edited By: Pradeep Srivastava