गोरखपुर, जागरण सांवाददाता। यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में शामिल होने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित अथवा विकलांग परीक्षार्थियों शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा से जहां मुक्ति दी गई है वहीं यह परीक्षा विद्यालय स्तर पर ही आयोजित की जाएगी। दिव्यांग परीक्षार्थियों को उनकी मांग के अनुसार श्रुत लेखक की सुविधा प्रदान की जाएगी। श्रुत लेखक उसी को बनाया जाएगा जिसकी योग्यता परीक्षा में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थी से कम से कम एक कक्षा कम होगी। यही नहीं दिव्यांग सभी छात्र-छात्राओं को परीक्षा में सम्मिलित हाेने वाले विद्यार्थियों को स्वकेंद्र की सुविधा प्रदान की जाएगी।

स्‍वकेंद्र परीक्षा की सुविधा भी

दिव्यांग परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसको देखते हुए उन्हें स्वकेंद्र की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। हाईस्कूल की परीक्षा में मूक बधिर छात्र दूसरी अनिवार्य भाषा के स्थान पर एक अन्य विषय वैकल्पिक विषयाें की सूची में से चुन सकते हैं। इसी प्रकार दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को ब्रेल लिपि में प्रश्नों को उत्तर देने की सुविधा होगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि दिव्यांग तथा दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए निर्धारित अवधि के अतिरिक्त 20 मिनट प्रति घंटे के हिसाब से मिलेगा।

दिव्यांग प्रमाण पत्र पर कर सकेंगे अतिरिक्त विषय का चयन

बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले वे छात्र-छात्राएं जो किसी दिव्यांगता, पूर्ण नेत्रहीनता अथवा दिव्यांग होने के कारण जिनका हाथ प्रभावित हों। जिससे वे अनिवार्य विषयों गणित में ज्यामितीय आकृतियां न खींच पाते हों अथवा विज्ञान व गृहविज्ञान में क्रियात्मक कार्य नहीं कार्य नहीं कर पातें। इन विषयों के स्थान पर छठे विषय के रूप में निर्धारित अतिरिक्त विषयों की सूची में से अन्य अतिरिक्त विषय चयन करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए ऐसे विद्यार्थियों को सीएमओ से दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।

प्रधानाचार्यों के जरिए कराया जा रहा प्रचार-प्रसार

यूपी बाेर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अपर सचिव विनोद कृष्‍ध ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक दिव्यांग परीक्षार्थियों को बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं का प्रधानाचार्यों के जरिये प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें। जिससे दिव्यांग परीक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित हाेने में किसी प्रकार कोई असुविधा न हो।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi