सिद्धार्थनगर : कोरोना संक्रमित होने के बाद प्रतिरोधक क्षमता घटने के कारण त्वचा संबंधी पुराने रोग उभरने लगे हैं। ई-संजीवनी पर परामर्श लेने वालों में हर चौथा मरीज त्वचा संबंधी बीमारियों से परेशान है। जिसमें 28 फीसद मामले पोस्ट कोविड मरीजों से संबंधित हैं। अधिकतर मरीज पूर्व में त्वचा रोग से पीड़ित रहे हैं और दवा खाकर ठीक हो चुके थे। कोरोना संक्रमण के बाद उनमें फिर त्वचा संबंधी पुरानी समस्याएं उभर आईं। ओपीडी में भी चर्म रोग से संबंधित मरीज पहुंचने लगे हैं।

आनलाइन परामर्श के लिए शुरू किए गए पोर्टल ई-संजीवनी पर 878 मरीजों ने सलाह ली। इसमें 203 मरीज त्वचा संबंधी समस्या से परेशान थे। उन्हें शरीर में खुजली होने, दाने निकलने, दाद होने या लाल चकत्ते पड़ने की समस्या आ रही थे। इन 203 लोगों में 57 मरीज ऐसे थे, जो कोरोना संक्रमित होकर ठीक हुए थे। इनमें 53 मरीज संक्रमण पूर्व इलाज कराकर त्वचा रोग से मुक्ति पा चुके थे, लेकिन संक्रमण बाद वह फिर उभर आई।

संयुक्त जिला अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ डा. मोहम्मद अकरम ने बताया कि 53 पोस्ट कोविड मरीज ऐसे हैं, जिन्हें दोबारा त्वचा रोग संबंधी समस्या हुई। अधिकतर लोगों को दाद और शरीर पर दाने निकलने की समस्या आई। ऐसा रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण हुआ। इलाज के बाद ये समस्याएं खत्म हो रही हैं। चार पोस्ट कोविड मरीजों में पहली बार त्वचा संबंधी समस्या आई। इन्हें चकत्ते पड़े थे। ऐसा गर्मी के कारण भी हो सकता है। लोगों को त्वचा संबंधित बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। स्नान के बाद शरीर को अच्छी तरह से पोंछकर सुखाना चाहिए। खुजली या दाना निकलने पर चिकित्सकीय परामर्श जरूर लें। डाक्टर की सलाह लिए बिना दवा न खाएं।

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