गोरखपुर : फौजियों के परिजनों से दु‌र्व्यवहार करने वाले पुलिस वालों की अब खैर नहीं होगी। यदि वे कोई समस्या लेकर थाने में पहुंचते हैं तो पुलिस वालों को उनके साथ न केवल अदब से पेश आना होगा, बल्कि उनकी समस्या का त्वरित समाधान भी करना होगा। ताकि देश की सुरक्षा में दिन-रात समर्पित रहने वाले फौजियों को घर-परिवार की समस्या के तनाव का सामना न करना पड़े।

थानों में फौजियों के परिजनों से दु‌र्व्यवहार की लगातार शिकायत मिलने के बाद पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी किया है। प्रदेश के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर उन्होंने फरियाद या अन्य कोई समस्या लेकर आने वाले फौजियों के परिजनों का सम्मान करने का निर्देश दिया है। पुलिस कप्तानों को उन्होंने निचले स्तर तक के सभी कर्मचारियों को इससे अवगत कराने तथा इसका कड़ाई से पालन कराने के लिए भी निर्देशित किया है। वर्तमान में सेवारत फौजियों के साथ ही साथ सेवानिवृत्त फौजियों तथा उनके परिजनों से भी उन्होंने अच्छा व्यवहार करने की हिदायत दी है।

देश की सरहद की रखवाली में 24 घंटे तत्पर रहने वाले फौजियों की तैनाती आमतौर से दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में होती है। घर आने के लिए उन्हें अवकाश भी बहुत कम मिलता है। पुलिस कप्तानों को भेजे गए पत्र में डीजीपी ने लिखा है कि ऐसी स्थिति में फौजी अपने घर परिवार की समस्या को न तो ठीक से समझ पाते हैं और न ही उनका समाधान कर पाते हैं। उनके परिवार को ही समस्या का सामना करना पड़ता है। इसलिए फौजियों के परिजनों को समस्या का समाधान करने के लिए मदद की दरकार होती है। इसके लिए पुलिस के पास जाने पर यदि उनके साथ दु‌र्व्यवहार होता है तो पूरा परिवार इससे आहत होता है। अधिकारी करेंगे फौजियों से जुड़ी समस्या की समीक्षा

डीजीपी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों को फौजियों से जुड़ी समस्या का हर थाने में अलग से रजिस्टर बनवाने का निर्देश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को उनकी समस्या के समाधान की स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा करने की भी हिदायत दी है। साथ ही वर्तमान या पूर्व फौजी तथा उनके परिवार के लोगों से दु‌र्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

Posted By: Jagran