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देवोत्थान एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य, नवंबर-दिसंबर में विवाह के लिए 16 शुभ मुहूर्त

Published: Thu, 22 Oct 2026 07:21 PM (IST)

चातुर्मास 20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ समाप्त हो रहा है, जिसके बाद विवाह सहित सभी मांगलिक कार्य फिर ...और पढ़ें

देवोत्थान एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य।

देवोत्थान एकादशी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य।

HighLights

  1. 20 नवंबर को देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्य शुरू।

  2. नवंबर-दिसंबर में विवाह के लिए 16 शुभ मुहूर्त उपलब्ध।

  3. 16 दिसंबर से खरमास, फिर रुकेंगे सभी शुभ कार्य।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। चातुर्मास के कारण चार महीने से विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों पर लगा विराम अब समाप्त होने जा रहा है। देवोत्थान या प्रबोधिनी एकादशी से फिर विवाह व मांगलिक कार्यों का सिलसिला शुरू होगा। घरों में शहनाइयां गूंजेंगी और विवाह समारोहों की रौनक लौटेगी।

25 जुलाई को हरिशयनी एकादशी के साथ चातुर्मास शुरू हुआ था, जो 20 नवंबर देवोत्थान एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी) के साथ समाप्त होगा।

धर्माचार्य पं. शरदचंद्र मिश्र के अनुसार, 20 नवंबर को प्रबोधिनी एकादशी है, इसे देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसके साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। देवोत्थान एकादशी के बाद विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे। इसके बाद दिसंबर में खरमास शुरू होने तक विवाह व अन्य मांगलिक कार्यों का आयोजन किया जा सकेगा।

नवंबर-दिसंबर में विवाह के मुहूर्त

  • नवंबर- 20, 21, 24, 25, 26 व 30
  • दिसंबर- 01, 02, 03, 04, 05, 06, 09, 10, 11 व 12

16 दिसंबर से शुरू होगा खरमास

विवाह के शुभ मुहूर्तों का यह सिलसिला ज्यादा दिनों तक नहीं चलेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 16 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ खरमास शुरू हो जाएगा। इस अवधि में भी हिंदू धार्मिक परंपरा के अनुसार विवाह सहित कई मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इसके चलते करीब एक महीने तक फिर वैवाहिक आयोजनों पर विराम रहेगा।

14 जनवरी 2027 में खरमास समाप्त होने के बाद विवाह के आयोजन दोबारा शुरू हो सकेंगे। ऐसे में नवंबर और दिसंबर के शुरुआती दिनों में उपलब्ध शुभ मुहूर्त उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होंगे, जो चातुर्मास के बाद विवाह की योजना बना रहे हैं। -पं. शरदचंद्र मिश्र, धर्माचार्य।