कुशीनगर: सदर तहसील क्षेत्र के सरपतही बुजुर्ग में एक भूखंड पर मालिकाना हक के विवाद को लेकर पट्टाधारकों और विपक्षियों के बीच तनातनी को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार व सीओ गांव में पहुंचे। दोनों पक्ष के अभिलेख देखे और शांति बनाए रखने का निर्देश दिया। एसडीएम ने कहा कि अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद ही इस मामले में निर्णय लिया जाएगा।

नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सरपतही बुजुर्ग गांव में स्थित 46 एकड़ के भूखंड पर 2005 में प्रधान व राजस्व विभाग ने 142 लोगों का पट्टा स्वीकृत किया था। उस भूखंड पर पड़ोसी गांव सरपतही खुर्द के कुछ लोगों का कब्जा था। इसलिए पट्टाधारक अपनी भूमि पर कब्जा नहीं पा सके। पट्टा आवंटन की जानकारी होने पर कब्जाधारक हाईकोर्ट में दाखिल कर दिए। मामले में विवाद की स्थिति तब बनी जब आठ नवंबर को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में एक पक्ष का वाद खारिज कर दिया। इसकी जानकारी पट्टाधारकों को हुई तो सोमवार को कुदाल व ट्रैक्टर लेकर कब्जा करने खेत में पहुंच गए। सूचना मिलने पर दूसरा पक्ष विरोध करने लगा तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। बुधवार को सदर एसडीएम महात्मा सिंह, तहसीलदार दिनेश कुमार, सीओ शिवाजी सिंह, थानाध्यक्ष गिरिजेश उपाध्याय राजस्व टीम के साथ गांव में पहुंचे। प्राथमिक विद्यालय में पट्टाधारकों और विपक्षियों के साथ अधिकारियों ने बैठक की। सरपतही खुर्द के वादी दिनेश के पक्षकार रामप्रताप दूबे ने बताया कि विवादित भूखंड अभी सीलिग घोषित नहीं हुआ है, इसलिए उसका पट्टा नहीं हो सकता है। यह राजस्व अभिलेख में हेराफेरी का मामला है, मेरा वाद हाईकोर्ट में चल रहा है। भूखंड से जुड़ा दूसरा वाद खारिज हुआ है। पट्टाधारकों के पक्षकार अहमद व ग्राम प्रधान प्रमोद सिंह ने बताया कि संबंधित भूखंड पर 142 लोगों को पट्टा दिया गया है जो राजस्व अभिलेख में दर्ज है। एसडीएम ने दोनों पक्ष की बात सुनने के बाद शांति बनाए रखने का निर्देश दिया। कहा कि जो विवाद करेगा उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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