गोरखपुर, जेएनएन। देवरिया जिला कारागार में दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट में बंद एक बंदी की इलाज के दौरान शुक्रवार की रात बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने के साथ ही बंदी के परिजनों को भी दे दी। एक सप्ताह के अंदर जिला कारागार के दो बंदियों की मौत हुई है।

तीन साल से बंद था रिजवान

लार कस्बे के शमशीर माेहल्ला निवासी रिजवान 35 किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में जिला कारागार में 2015 से बंद था। कुछ दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। पहले उसका इलाज जिला कारागार के अस्पताल में हुआ, तबियत में सुधार न होने पर चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में बुधवार की रात उसे भर्ती कराया गया, लेकिन वहां से भी सुधार न होने पर मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया था। गोरखपुर में इलाज के दौरान शुक्रवार की रात रिजवान ने दम तोड़ दिया। जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने कहा कि इलाज के दौरान बंदी की मौत हुई है। वह महीने भर से बीमार चल रहा था।

13 सितंबर की रात भी हुई थी एक दुष्‍कर्मी कैदी की मौत

कुशीनगर जनपद के दुष्कर्म में सजाफ्ता बंदी पिंटू की भी 13 सितंबर की रात इलाज के दौरान बीआरडी मेडिकल कालेज में मौत हो गई थी। इसके बाद बंदियों ने जमकर बवाल किया था। भूख हड़ताल भी किया था। लगातार एक सप्ताह में दो बंदियों की मौत से बंदियों में आक्रोश है। बंदियों के आक्रोश को देखते हुए जेल प्रशासन ने रात को ही एसपी को सूचना दे दी थी। जिसके बाद शनिवार की सुबह ही पुलिस जेल पहुंच गई। हालांकि वहां किसी तरह की दिक्कत नहीं है।

 

Posted By: Satish Shukla

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप