गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी इन दिनों बिजली न होने के संकट से जूझ रहे हैं। बिजली न होने के चलते परिसर, हास्टल और आवासीय कालोनी में भी पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। सोमवार की दोपहर बाद हुआ बिजली का फाल्ट विश्वविद्यालय प्रशासन मंगलवार की शाम तक ठीक नहीं करवा सका था। ऐसे में विश्वविद्यालय में चहुंओर हाहाकार मचा हुआ है।

नहीं बदला जा सका है जला ट्रांसफार्मर: विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन लगा ट्रांसफार्मर 19 मई की दोपहर अचानक जल गया। उस दिन से अब तक न तो वह ट्रांसफार्मर ठीक हो सका है और न ही उसकी जगह नया ट्रांसफार्मर ही लगा है। वैकल्पिक स्रोत जेनरेटर से ही उस दिन से प्रशासनिक भवन को सप्लाई दी जा रही है। समस्या तब और बढ़ गई जब विश्वविद्यालय परिसर, छात्रावासों और शिक्षकों, कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्र में भी सोमवार से बिजली कटने लगी।

परेशान लोगों के मुताबिक सोमवार को दोपहर से ही बिजली कटनी शुरू हो गई। शाम को जब बिजली कटी तो आधी रात के बाद आई। मंगलवार को सुबह से ही दिनभर बिजली कटौती होती रही। कभी-कभी कुछ देर के लिए बिजली आई लेकिन यह राहत ज्यादा देर नहीं रही। विश्वविद्यालय का इंजीनियरिंग विभाग सोमवार से बिजली का फाल्ट खोज रहा है लेकिन दिक्कत कहां से आ रही है, इसे जान पाने में सफलता मंगलवार की देर रात तक नहीं मिल सकी।

बिजली न होने की वजह से मंगलवार को परीक्षार्थियों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा। उन्होंने पसीने से तर-बतर होकर परीक्षा दी। शिक्षक और कर्मचारी तो परेशान रहे ही। 19 मई से बिजली न होने से परेशान अलकनंदा महिला हास्टल की छात्राओं ने कुलपति से मिलकर अपनी दिक्कत बताई। बताया कि हास्टल में पांच दिन से न तो बिजली है और न पानी। ऐसे में छात्राओं का हास्टल में रहना दुश्वार हो गया है।

इस संबंध में कुलपति प्रो. राजेश सिंह का कहना है कि समस्या के समाधान की कोशिश की जा रही है। जल्द बिजली की दिक्कत दूर हो जाएगी।

Edited By: Pragati Chand