गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति की शिक्षकों को दो टूक, रिसर्च और इनोवेशन में दिखाएं सक्रियता
कुलपति प्रो.केपी सिंह ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान विभाग को शोध परियोजनाओं और नवाचार में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।

प्राणि विज्ञान विभाग को शोध परियोजनाओं और नवाचार के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश
HighLights
कुलपति ने शोध परियोजनाओं के लिए अधिक आवेदन करने को कहा।
प्राणि विज्ञान विभाग को नवाचार और शोध में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश।
पीआरसी स्थापना और डाटा साइंस पर कुलपति की विशेष रुचि।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्राणि विज्ञान विभाग को शोध परियोजनाओं और नवाचार के क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कुलपति प्रो.केपी सिंह के समक्ष शनिवार को विभागीय विजन प्रस्तुत किया गया। इसमें शैक्षणिक गतिविधियों, शोध उपलब्धियों, विद्यार्थियों से जुड़े कार्यक्रमों और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
कुलपति ने शिक्षकों से विभिन्न वित्तपोषण एजेंसियों की शोध परियोजनाओं के लिए अधिकाधिक आवेदन करने को कहा। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध प्रस्ताव तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे विभाग की शोध क्षमता मजबूत होगी। विभागाध्यक्ष को डीएसटी-फिस्ट योजना के तहत आवेदन की दिशा में आवश्यक पहल करने के निर्देश भी दिए, ताकि शोध संबंधी आधारभूत सुविधाओं और वैज्ञानिक अनुसंधान के संसाधनों को बेहतर बनाया जा सके।
कुलपति ने लैब का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वर्मीवाश के विकास और उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। केंचुआ आधारित इस जैविक तरल के माध्यम से जैविक कृषि और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने की बात कही। उन्होंने युवा शिक्षकों को अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए विभाग और विश्वविद्यालय के विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण कर कुलपति ने ली शोध गतिविधियों की जानकारी
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में पॉपुलेशन रिसर्च सेंटर (पीआरसी) की स्थापना की दिशा में पहल होगी। कुलपति प्रो.केपी सिंह ने गणित एवं सांख्यिकी विभाग के निरीक्षण के दौरान इसके लिए सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने डाटा साइंस जैसे नए और महत्वपूर्ण विषय के प्रति भी विशेष रुचि दिखाई।
कुलपति ने विभाग के आचार्यों और प्राध्यापकों से परिचय प्राप्त करने के साथ शैक्षणिक और शोध गतिविधियों पर विस्तृत संवाद किया। विभागाध्यक्ष प्रो.हिमांशु पांडेय ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभाग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान कार्यों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान विभाग की वर्तमान गतिविधियों और भावी योजनाओं पर चर्चा हुई।
कुलपति की रुचि को डाटा साइंस जैसे उभरते क्षेत्र में विभाग की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागाध्यक्ष ने कुलपति के आगमन और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ और सहायक आचार्य मौजूद रहे।
