गोरखपुर, जागरण संवाददाता। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर संतकबीरनगर जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डा. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने कहा कि बेटियां देश की सभ्यता और संस्कृति की वाहक होती हैं, इनकी हर स्तर से सुरक्षा जरूरी है। भ्रूण हत्या जघन्य अपराध है। इसे रोकने के लिए और भी गंभीरता से प्रयास किया जाना चाहिए।

संतकबीरनगर में एक हजार पुरुषों के सापेक्ष सिर्फ 942 महिलाएं

सीएमओ कार्यालय सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित कार्यशाला में सीएमओ ने कहा कि बेटियां है हमारी पहचान हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 942 महिलाएं हैं। बालिकाओं के संरक्षण की आवश्यकता व्यक्त करते हुए लिंगानुपात और बढ़ाने के लिए प्रयास की आवश्यकता जताई। एसीएमओ डा. मोहन झा ने कहा कि भ्रूण हत्या रोकने के लिए कानून बनाया गया है।

भ्रूण परीक्षण करने और कराने पर होगी कार्रवाई

कहीं पर भी भ्रूण के लिंग परीक्षण किया जा रहा हो तो इसकी जानकारी गोपनीय रूप से दिए जाने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। भ्रूण परीक्षण करने और कराने वालों पर सख्‍त कार्रवाई की जाएगी। भ्रूण परीक्षण रोकने के लिए उन्‍होंने जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। इस मौके पर विनीत श्रीवास्तव, इम्तियाज अहमद, डा. ओपी चतुर्वेदी, डा. वीके सोनी, डा. एसडी ओझा, डा. मुबारक अली, अनवार अहमद, मनीष मिश्रा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

आगे बढ़ने, शिक्षित बनने व देश की तरक्की में योगदान करें बेटियां

जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जनपद की सभी बेटियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बेटियों से निरंतर आगे बढ़ने, शिक्षित बनने और देश की तरक्की में अपना योगदान देने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं। बालिका दिवस को मनाने का उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ तरक्की के हर पायदान पर उनकी उपस्थिति दर्ज करने हेतु उन्हें प्रेरित करना है।

Edited By: Navneet Prakash Tripathi